रहवासियों ने दी प्रशासन को सडक़ पर आंदोलन करने की चेतावनी
संत हिरदाराम नगर . आवारा कुत्तों के हमलों से संत नगर के रहवासियों मे भय का माहौल है। कई बार मासूम कुत्तों के काटने के शिकार भी हो चुके हैं। पाश कॉलोनियों में सडक़ों के किनारे आवारा कुत्तों के झुंड को देखा जा सकता है और यह वाहन चलते लोंगो से साथ पैदल राहगीरों को भी अपना शिकार बनाते हैं। लेकिन शासन एवं प्रशासन की तरफ से आवारा कुत्तों पर किसी भी तरह का कोई शिकंजा नहीं कसा गया। दरअसल, संत नगर की कॉलोनियों में इस समय आवार कुत्तों की संख्या बढ़ गई है, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां से स्कूल, कोचिंग आने-जाने वाले छोटे बच्चों को भी निकलने में परेशानी होती है। ये कुत्ते उन पर जानलेवा हमला करते हैं। रहवासियों ने इसकी शिकायत कई बार स्थानीय पार्षद सहित नगर निगम के अधिकारियों से की है, लेकिन डॉग स्कॉट की टीम कुत्तों को कई बार पकडक़र जंगल में छोड़ आते हैं, जहां से वह वापस उसी जगह पर आ जाते हैं। आरटीआइ कार्यकर्ता दौलत सिंह चौहान ने नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की है।
सिविल अस्पताल में नहीं है एंटी रैबीज इंजेक्शन
इधर, संत नगर के सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन ही नहीं है। डॉक्टर मरीजों से इजेंक्शन बाहर से मंगवा रहे हैं। जबकि इन दिनों कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ गई हैं। कई मरीजों को हमीदिया अस्पताल भेज दिया जाता है। मेडिकल व्यापारियों के अनुसार एंटी रेबीज का यह इंजेक्शन दुकानों पर 335 रुपए का है। कुत्ते के काटने पर मरीज को करीब 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। ऐसे में लोगों 1500 रुपए का खर्च करना पड़ता है। इसमें गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को परेशानी होती है।
-आवारा कुत्तों की बढ़ती जनसंख्या पर नगर निगम ध्यान दे रही है और अस्पताल प्रशासन का भी इस ओर ध्यान नहीं है। 16 अप्रैल से बैरागढ़ में रेबीज के इंजेक्शन खत्म हो चुके हैं, इससे मरीजों को बहुत परेशानी हो रही है।
-वीरा स्वामी,स्थानीय रहवासी
-आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ रही है बच्चों पर जानलेवा हमला करते हैं,इसकी शिकायत मैंने नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन पर की है,लेकिन सरकार बदलते ही सीएम हेल्पलाईन की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-दौलत सिंह चैहान, स्थानीय रहवासी
- आवारा कुत्तों की वजह से स्थानीय रहवासियों को परेशानी हो रही है। इस संबंध में कुछ शिकायत मिली है। आवारा कुत्तों को जल्द अभियान चलाकर पकड़ा लिया जाएगा। आलोक शर्मा,
महापौर भोपाल