भोपाल

घर पर स्टेप बाई स्टेप इस विधि से करें गणपति विसर्जन, पूरे साल बनी रहेगी खुशहाली

पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इस बार शहर में हजारों घरों में मिट्टी के गणेश विराजमान किए गए हैं....

2 min read
Sep 08, 2022
Ganesh Visarjan 2022

भोपाल। डोल ग्यारस के साथ ही गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को श्रद्धालु भगवान गणेश को अगले बरस के आमंत्रण के साथ विदाई देंगे। पंडितों का कहना है कि घर में विराजमान प्रतिमाओं का विसर्जन घरों में भी कर सकते हैं। विसर्जन के बाद जो मिट्टी और पानी रह जाता है, उसे पेड़-पौधों में डालें। इससे भगवान गणेश का वर्ष पर्यंत आशीर्वाद मिलेगा। साथ ही जल स्रोतों को भी संरक्षित किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए इस बार शहर में हजारों घरों में मिट्टी के गणेश विराजमान किए गए हैं।

घर पर ऐसे कर सकते हैं विसर्जन

पं. विष्णु राजौरिया के अनुसार, गणेश प्रतिमा का विसर्जन शुद्ध जल में होना चाहिए। इसके लिए बड़े पात्र में शुद्ध जल भरकर उसमें गंगाजल और दुर्बा डालें। फिर पूजन, आरती कर विसर्जन करें। प्रतिमा को सीधा जल से भरे पात्र में रखें, ताकि प्रतिमा पूरी तरह जल में समाहित हो जाए। इसके बाद इस जल को शुद्ध स्थान पर बड़े वृक्षों या गमलों में प्रवाहित करें।

पौधों में डालें विसर्जन के बाद बचा जल

पंडित जगदीश शर्मा का कहना है कि घर के मुख्य दरवाजे के बाहर जल से भरा पात्र रखकर विधि-विधान से विसर्जन करें। विसर्जन के बाद जो मिट्टी और जल बचता है, उसका छिड़काव गमलों के पेड़-पौधों में करें। इससे वास्तु दोष दूर होता है।

स्टेप बाई स्टेप ऐसे करें विसर्जन

-शास्त्रों के अनुसार, विसर्जन वाले दिन भगवान गणेश की विधि विधान से पूजा अर्चना करें।
-फूल, माला, दूर्वा, नारियल, अक्षत, हल्दी, कुमकुम आदि चढ़ाएं।
-पान, बताशा, लौंग, सुपारी आदि चढ़ाने के साथ मोदक, लड्डू आदि का भोग लगा दें।
-अब घी का दीपक, धूप जलाने जलाने के साथ ऊं गं गणपतये नमः: का जाप करें।
-थोड़ी देर बाद एक साफ सुथरा चौकी या फिर पाटा लें। इसे गंगाजल से पवित्र कर लें।
-इसके बाद इसमें स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं और थोड़ा सा अक्षत डाल दें।
-इसके बाद इसमें लाल या पीला रंग का वस्त्र बिछा दें।
-अब वस्त्र के ऊपर फूल और चारों कोनों में सुपारी रख दें।
-अब भगवान गणेश की मूर्ति उठाकर इस पाटे में रख दें।
-अब भगवान क चढ़ाया गया सामान यानि मोदक, सुपारी, लौंग, वस्त्र, दक्षिणा, फूल, फूल आदि एक कपड़े में बांध लें और गणेश जी की मूर्ति के बगल में रख दें।
- अब कपूर से आरती कर लें। इसके बाद खुशी-खुशी विदा करें।
- गणपति जी को विदा करते समय अगले साल आने की कामना करें। इसके साथ ही भूल चूक के लिए माफी मांग लें।
- घर में ही एक बड़े साफ गहरे बर्तन में पानी भरकर उसमें विसर्जित कर दें।
- जब मूर्ति पानी में घुल जाए, तब इसके पानी को गमले में डाल दें और उस पौधे को हमेशा पास रखें।

Published on:
08 Sept 2022 12:35 pm
Also Read
View All

अगली खबर