भोपाल

तीन साल में 16 महिलाओं को राजस्थान में बेचा

झालावाड़ जिले के अकलेरा कस्बे से महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य आरोपी पकड़ाए

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Nov 06, 2018
human trafficking

भोपाल. जीआरपी ने मानव तस्करी के साथ मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। चार सदस्यीय इस गिरोह में राजस्थान की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी शामिल है। मानव तस्करी के तार तीन राज्यों से जुड़े हैं। इस गिरोह के 11 आरोपी तीन महीने पहले पकड़े जा चुके हैं। यह गिरोह तीन साल में 16 महिलाओं को नागपुर और मप्र से ले जाकर राजस्थान में बेच चुका है। बेची गई महिलाओं को राजस्थान के धनाढ्य और बड़े घरानों में शादी कराने का प्रलोभन दिया गया। यह खुलासा सोमवार दोपहर प्रेस वार्ता के दौरान एसपी रेल मनोज राय ने किया।

एसपी ने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बदमाशों की धरपकड़ के लिए जीआरपी का अभियान चल रहा है। इस अभियान के दौरान पुलिस को 1 नवम्बर को सूचना मिली कि भोपाल रेलवे स्टेशन पर एक युवक 10 किलो गांजे के साथ पहुंचने वाला है। हुलिए के आधार पर पुलिस ने दो युवकों को दबोचा। कब्जे से 10 किलो गांजा मिला। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले गई, जहां पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना नाम राजू उर्फ आत्माराम निवासी वनदेवी चौक नागपुर और दूसरे ने हसन खैराती निवासी हमीद नगर नागपुर बताया। दोनों युवक महिलाओं की खरीद फरोख्त में भी शामिल हैं।

शादी का प्रलोभन देकर ले जाते थे
पूछताछ में बताया गया कि वे राजगढ़ और नागपुर से महिलाओं को बड़े घरों में शादी कराने का प्रलोभन देते थे। गिरोह ऐसी महिलाओं को खोजते थे जो पति की प्रताडऩा से त्रस्त होती थीं। गिरोह इन महिलाओं को फंसाता फिर राजस्थान में ले जाकर ऐसे जिलों में बेच देता था। इनमें से कुछ को पुलिस ने मुक्त करा लिया है। कुछ की तलाश की जा रही है। जिन तीन महिलाओं को पुलिस ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर से मुक्त कराया है, उन महिलाओं की अगली तफ्तीश नागपुर पुलिस करेगी। केस डायरी नागपुर भेज दी गई है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर में तीन महिलाएं थीं कैद
मादक पदार्थ के साथ मानव तस्करी करने वाले राजू और हसन ने कबूल किया कि वे अगस्त 2018 में पकड़े गए 11 आरोपियों के साथ महिलाओं की खरीद-फरोख्त करते हैं। नागपुर से तीन महिलाओं को बेचने के लिए राजस्थान ले गए हैं, तीनों महिलाएं राजस्थान के झालावाड़ जिले के अकलेरा कस्बा निवासी किरण उर्फ रतनबाई के घर पर हैं। किरण उर्फ रतनबाई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। उसके साथ नागपुर निवासी नूरजहां पति शेख कलीम भी शामिल है। पुलिस की टीम अकलेरा रवाना की गई, जहां से किरण उसके पति वीरम और नूरजहां को गिरफ्तार कर तीनों को मुक्त करा लिया।

Published on:
06 Nov 2018 04:04 am
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