
भोपाल. वर्ष 2014 बैच के युवा आइएएस (IAS) लोकेश कुमार जांगिड़ ने आइएएस अफसरों के तबादले की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट कर राज्य के सिविल सर्विस बोर्ड की तबादलों को लेकर बैठक का हवाला देते हुए लिखा कि वर्ष-2020 में 91 बार तबादलों के लिए बैठक हुई। यानी साल में हर चौथे दिन तबादलों की बैठक की गई है। इसमें केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया है। इसके बाद जांगिड़ ने सिलसिलेवार ट्वीट किए।
दरअसल, IAS जांगिड़ पूर्व में चार साल की फील्ड पोस्टिंग में आठ बार तबादलों को लेकर सुर्खियों में आए थे। इसके बाद उन्होंने आइएएस एसोसिएशन के सिग्नल गु्रप पर पूर्व पोस्टिंग वाले जिले में कलेक्टर और उनके परिवार को लेकर भ्रष्टाचार के कमेंट भी किए थे। इसके बाद उन्होंने जान से मारने की धमकी मिलने की शिकायत भी की थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
ये है रिपोर्ट में
डीओपीटी को भेजी जिस रिपोर्ट का हवाला जांगिड़ ने दिया है, उसमें 29 जनवरी 2020 से 24 दिसंबर 2020 के बीच 333 आइएएस के तबादलों का उल्लेख है। इसमें सबसे ज्यादा 50 तबादले 9 मई 2020 को करना बताया गया है। यह रिपोर्ट एक जनवरी से 31 दिसंबर 2020 के बीच तबादलों पर है। इसे सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के परिपालन में भेजा गया था।
8 बार ट्रांसफर
लोकेश 2014 बैच के IAS हैं। उनकी फील्ड पोस्टिंग के अभी साढ़े 4 साल हुए हैं, लेकिन उनके 8 बार ट्रांसफर हो चुके हैं।बड़वानी से तबादले के बाद उन्होंने उन्होंने महाराष्ट्र जाने का आवेदन किया था। इसके पीछे उन्होंने अपनी पारिवारिक समस्या का हवाला दिया है। उन्होंने 11 जून को DOPT के सचिव और मप्र के मुख्य सचिव को इंटर कैडर प्रतिनियुक्ति पर 3 वर्ष के लिए महाराष्ट्र जाने के लिए आवेदन किया है।