सदस्यता लेने वालों को यह घोषणा करना होगी वह मादक पेयों और नशीले पदार्थों से दूर रहता है......
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस का एक नवम्बर से सदस्यता अभियान शुरू हो रहा है। इसको लेकर पार्टी की तैयारी शुरू कर दी है। सदस्यता को लेकर बड़े बदलाव भी किए गए हैं। जिसके तहत बेदाग छावि वाले लोगों को ही पार्टी अपने कुनबे में शामिल करेगी। शराब या अन्य नशीले पेय पदार्थों का सेवन करने वालों को कांग्रेस की सदस्यता नहीं मिलेगी। सदस्यता लेने वालों को यह घोषणा करना होगी वह मादक पेयों और नशीले पदार्थों से दूर रहता है। साथ ही यह भी बताना होगा कि उसके पास कानूनी सीमा से अधिक की सम्पत्ति नहीं है। इसके अलावा घोषणा पत्र में एक दर्जन अन्य बिन्दु और शामिल हैं।
कांग्रेस द्वारा निर्धारित की गई गाइडलाइन के तहत सदस्यता ग्रहण करने वाले को यह बताना होगा कि वह न तो सामाजिक भेदभाव करता है और न ही किसी भी रूप में इसे अमल में लाता है। बल्कि इसे मिटाने के लिए काम करने का वचन देना होगा। धर्म और जाति के भेदभाव रहित एक सूत्र में बंधे समाज में विश्वास रखने का वचन भी जरूरी होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि वे प्रमाणित खादी पहनने के आदी हैं। 18 वर्ष से कम वालों को कांग्रेस की सदस्यता नहीं मिलेगी।
कांग्रेस की बुराई मंजूर नहीं
सदस्यता लेने वालों को यह वचन देना होगा कि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खुलेतौर कांग्रेस पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की बुराई नहीं करेगा। उसे पार्टी के मंच पर यह सब कहने का अधिकार होगा। साथ ही यह भी वादा करना होगा कि वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संविधान के अंतर्गत निर्धारित शर्तों और बनाए गए नियमों का पालन करेगा। कांग्रेस कमेटी द्वारा स्वीकृत पत्रिका का नियमित ग्राहक भी बनना होगा।
सदस्यता के लिए प्रमुख वचन....
-खादी पहनने का आदी होना होगा।
- नए सदस्य सीलिंग कानून से अधिक प्रॉपर्टी नहीं रखेंगे।
- पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
-शारीरिक श्रम या काम करने में संकोच नहीं करेंगे।
-शराब और ड्रग्स से दूर रहेंगे।
-सार्वजनिक रूप से पार्टी की नीतियों की आलोचना नहीं करेंगे।
-सामाजिक भेदभाव नहीं करना होगा।
-भेदभाव मिटाने के लिए समाज में काम करूंगा।
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि सभी कांग्रेस सदस्य, नए सदस्यों सहित, इन मानदंडों का पालन करेंगे। यह एक पुराना रूप है और हमारे पार्टी संविधान का हिस्सा है। वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रकाश जैन ने पत्रिका को बताया कि पार्टी अपने सिद्धांतों पर आज भी कायम है। यह कोई नया नियम नहीं है। यह तो पहले से चला आ रहा है। नए सदस्यों के लिए जो फार्म है, उसी में यह सभी घोषणा है, जिसे संबंधित को करना है।