जानिए कौन से हैं वे 7 तरीके.....
भोपाल। हर व्यक्ति को जीवन की शुरुआत करने के लिए पढ़ाई की बहुत अधिक आवश्यकता होती है जिसमें कि कई लोगों का दिमाग पढ़ाई में तेज होता है और कई लोगों का कम होता है। यही कारण है कि कई छात्र पढ़ाई में अधिक नंबर ले आते हैं लेकिन कई छात्र नहीं ला पाते, जिसकी वजह से उन्हें अपने जीवन में कई तरह की असफलताओं का सामना करना पड़ता है। दूसरा कारण ये भी है कि परीक्षा के दिनों में जहां तनाव के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता है, वहीं दूसरी ओर बच्चों के लिए परीक्षा में अच्छे अंक लाना भी मजबूरी होती है।
शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा जी बताते है कि परीक्षा में सफल होने के लिए कुछ वास्तु उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। परीक्षा में बच्चों के अच्छे अंक लाने के लिए उनके लिए वातावरण अनुकूल होना बहुत जरूरी होता है। इसमें घर और स्टडी रूम का वास्तु सही होना चाहिए ताकि बच्चों की ऊर्जा सकारात्मक, एकाग्र और स्मृति मजबूत हो सके। जानिए स्टडी रुम से जुड़ी कुछ जरूरी बातें, जिनको अपनाकर आप परीक्षा में अच्छे अंक ला सकते हैं....
- हमेशा ध्यान रखें कि स्टडी रूम घर के पश्चिम-मध्य क्षेत्र में बनाना शुभकारी होता है। इस दिशा में बुध, गुरु, चंद्र एवं शुक्र चार ग्रहों से उत्तम प्रभाव प्राप्त होता है। इस दिशा के कक्ष में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को बुध ग्रह से बुद्धि वृद्धि, गुरु ग्रह में महत्वाकांक्षा एवं जिज्ञासु विचारों में वृद्धि, चंद्र ग्रह से नवीन विचारों की वृद्धि और शुक्र ग्रह से प्रतिभा लेखन कला को मजबूत करती है।
- अगर संभव हो, उत्तर-पूर्व दिशा में मां सरस्वती, गणेश की प्रतिमा रखें।
- ब्रह्म मुहूर्त पढ़ने का समय सबसे अच्छा समय होता है। सूर्योदय से पहले यानी सुबह 4.30 बजे से सुबह 10 बजे तक पढ़ाई करना लाभदायक रहता है।
- स्टडी रूम में पूर्व-उत्तर की ओर खिड़की होगी तो श्रेष्ठ रहता है। इस कमरे की छत पिरामिड के आकार वाली हो तो सर्वश्रेष्ठ रहता है। ऐसे कमरे में की गई पढ़ाई लंबे समय तक याद रहती है।
- एग्जाम की तैयारी करने के लिए कमरे में पुस्तकों की रैक या अलमारी पूर्व या उत्तर दिशा में होनी चाहिए। अगर जगह की कमी के कारण बेडरूम में पढ़ाई करनी हो, तो पढ़ने वाली मेज, लाइब्रेरी और रैक पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा यानी नैऋत्य में हो।
- पढ़ाई करते समय चेहरा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में ही हो। ड्रॉइंग रूम में पढ़ाई करने वालों को अपनी मेज, कुर्सी आदि ईशान, उत्तर या उत्तर वायव्य कोण में ही रखना आवश्यक है।
- प्रशासनिक सेवा, शिक्षा, रेलवे आदि सेवाओं की तैयारी करने वालों को पूर्व दिशा में ही अपने लिए पढ़ाई हेतु स्थान का चयन करना चाहिए। मेडिकल, कानून, टेक्निकल, कंप्यूटर आदि क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी पढ़ाई का कमरा दक्षिण दिशा में रखना चाहिए।