कमजोर कडिय़ों की भी तलाश हो रही है। निष्क्रिय पदाधिकारियों की देर—सबेर छुट्टी होगी, यह तय है।
भोपाल. कांग्रेस में कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने की तैयारी चल रही है। खासतौर पर युवा कांग्रेस में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है. इसके लिए कमजोर कडिय़ों की भी तलाश हो रही है। निष्क्रिय पदाधिकारियों की देर—सबेर छुट्टी होगी, यह तय है। युवा कांग्रेस के लिहाज से चार जिले नीमच, आलीराजपुर, बैतूल और रायसेन रेड जोन में हैं। यहां के जिलाध्यक्षों का परफॉर्मेंस कमजोर पाया गया है।
इसके अलावा प्रदेश के करीब आधा दर्जन जिले यलो जोन में हैं। इन जिलों में संगठनात्मक सुधार कर सक्रियता के लिए कहा गया है। दरअसल उपचुनाव के पहले युवा कांग्रेस प्रदेश में प्रभावी उपस्थिति दिखाना चाहती है। संगठन में ब्लॉक और वार्ड स्तर तक जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। यहां अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी नियुक्त होंगे। संगठन में जिला स्तर पर रिक्त पद जल्द भरे जाएंगे।
इसके लिए कवायद भी शुरू हो गई है। नियमानुसार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को मिलाकर १५ लोगों की टीम होनी चाहिए, लेकिन ज्यादातर जिलों में टीम पूरी नहीं है। युवा कांग्रेस का फोकस प्रदेश में होने वाले उप चुनाव पर है। इसलिए बूथ और वार्ड स्तर पर टीम तैयार करने का प्रयास है। इसी को ध्यान में रखकर काम हो रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश कार्यकारिणी की बैैठक में इस मुद्दे पर मंथन भी हुआ। बैैठक में युवा कांग्रेस को ज्यादा मजबूत बनाकर सक्रिय करने पर जोर दिया गया था जिसका असर भी देखा गया. प्रदेशभर में कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता और पदाधिकारी अब जमीन पर आकर संघर्ष करते दिख रहे हैं. प्रदेशभर मे विभिन्न मामलों को लेकर भाजपा सरकार की खिलाफत की जा रही है.