राजधानी परियोजना प्रशासन के एसडीओ ने पूर्व मंत्री विश्वास सारंग पर गैर जमानती धाराओं में दर्ज कराई एफआइआर
भोपाल। बीजेपी सरकार के पूर्व मंत्री विश्वास सारंग का सरकारी अफसरों पर दंबगई दिखाने का मामला सामने आया है। पूर्व मंत्री सारंग ने सरकारी अफसरों को दबंगई दिखाते हुए एक थीम पार्क का लोकार्पण कर दिया।
इस थीम पार्क का लोकार्पण आज (मंगलवार) को कांग्रेस सरकार के विधि-विधाई और जनसंकर्प मंत्री पीसी शर्मा करने वाले थे। इससे पहले रविवार शाम को ही पूर्व मंत्री विश्वास सारंग ने सरकारी काम में दखल देते हुए स्वामी विवेकानंद थीम पार्क का लोकार्पण कर दिया।
एसपी संपत्त उपाध्याय ने बताया कि अशोका गार्डन थाना क्षेत्र स्थित सब्जी मंडी चौराहे के समीप स्वामी विवेकानंद थीम पार्क बनाया गया है। इस थीम पार्क का लोकार्पण मंगलवार को विधि एवं विधाई जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा के द्वारा किया जाना था।
लेकिन रविवार शाम नरेला विधायक और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ इस थीम पार्क पर पहुंचे और अनावरण पट्टिका को तोड़ दिया। उस पर पेंट कर खुद ही अन्य कार्यकर्ताओं के साथ थीम पार्क का लोकार्पण कर दिया और उक्त दिनांक को लोकार्पण का भी उल्लेख कर दिया।
शासकीय भूमि पर अधिपत्य जमाने और तोडफ़ोड़ करने पर राजधानी परियोजना प्रशासन के एसडीओ सनद कुमार चटर्जी और सीपीए के उपयंत्री धु्रव शर्मा ने इस मामले में पूर्व मंत्री विश्वास सारंग और उनके सर्मथकों के खिलाफ अशोका गार्डन थाने में एक शिकायती आवेदन दिया, जिस पर थाना पुलिस ने पूर्व मंत्री विश्वास सारंग और उनके सर्मथकों के खिलाफ सरकारी संपत्ति में तोडफ़ोड़, अड़ीबाजी समेत सरकारी काम में बाधा डालने की धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज कर मामले की अग्रिम जांच शुरू कर दी है।
इधर, पूर्व में विवादित जगह को बताया मालिकाना हक...
वहीं दूसरी ओर एक व्यक्ति ने विवादित जमीन को अपना मालिकाना हक बताकर लाखों रुपये में बेच दी। खरीददार ने जब इस मामले की शिकायत की तो जमीन बेचने वाले ने उन्हें धमकी दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। यह मामला कोहेफिजा थाना क्षेत्र का है।
कोहेफिजा पुलिस के मुताबिक अहमदाबाद पैलेस निवासी सैयद वकार हुसैन ने गोपाल सिंह से ग्राम परवलिया में एक जमीन 14.76 लाख में खरीदी थी। गोपाल ने जमीन अपनी बताकर दस्तावेज दिखाए थे।
इसके बाद सैयद वकार हुसैन ने मई 2015 में विक्रय पत्र अनुबंध किया था। इस दौरान गोपाल ने यह जानकारी नहीं दी कि उक्त भूमि विवादित है और मामला कोर्ट में लंबित है। करीब एक साल बाद सैयद वकार हुसैन को जानकारी मिली की जमीन का विवाद 2010 से कोर्ट में लंबित हैं।
जमीन विवादित होने पर सैयद वकार हुसैन ने गोपाल सिंह से बात की तो उसने गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना था कि उक्त भूमि को यदि खाली नहीं किया गया तो विक्रय राशि वापिस नहीं की जाएगी और जमीन से हाथ धोना पडेग़ा। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।