
Bhopal news: इंजीनियरिंग की डिग्री, अच्छे अंक और कैंपस प्लेसमेंट की तैयारी… अब नौकरी पाने के लिए स्टूडेंट्स के सामने सिर्फ इतनी योग्यताएं पर्याप्त नहीं रह गई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों की भर्ती का तरीका बदल दिया है। पहले एक ही कैंपस से 100 स्टूडेंट्स का चयन करने वाली कुछ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब 50 स्टूडेंट्स को ही नौकरी का मौका दे रही है। दूसरी ओर, एआइ आधारित काम में दक्ष उम्मीदवारों को बड़े पैकेज मिल रहे हैं। असर यह है कि संस्थानों को विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के लिए पहले से ज्यादा कंपनियों को आमंत्रित करना पड़ रहा है।
2024 में यहां औसत पैकेज 12.32 लाख रुपए था, जो 2025 में बढ़कर 16.09 लाख और 2026 में 18.29 लाख रुपए हो गया। दो साल में औसत पैकेज करीब 48 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, प्लेसमेंट प्रतिशत में इसी तरह लगातार बढ़ोतरी नहीं हुई। वर्ष 2024 में 85.18 प्रतिशत विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिला था। 2025 में यह आंकड़ा 96.59 प्रतिशत पहुंचा, लेकिन 2026 में घटकर 94 प्रतिशत रह गया। सबसे बड़े पैकेज का आंकड़ा इसी बदलाव की एक और तस्वीर दिखाता है। वर्ष 2024 में अधिकतम पैकेज 46 लाख रुपए था, जो 2025 में बढ़कर 85 लाख रुपए पहुंच गया। 2026 में यह 62 लाख रुपए रहा।
ट्रिपल आईटी के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. अजय श्रीवास्तव के अनुसार एआई के बाद बड़ी-बड़ी कंपनियां अब पहले से मुकाबले कम छात्रों का चयन कर रही है। जैसे पहले एक कैंपस से 100 छात्रों तक का चयन होता था, वहां अब 50 का ही हो रही है। हालांकि एआइ आधारित प्रोफाइल में पैकेज दो से तीन गुना तक बढे हैं। कंपनियों की जरूरतें बदलने के साथ विद्यार्थियों के कौशल का महत्व भी बढा है। संस्थान अब प्लेसमेंट के लिए ज्यादा कंपनियों को आमंत्रित कर रहे हैं।
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में पिछले तीन साल के प्लेसमेंट में अधिकतम पैकेज में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2024 में सबसे बड़ा पैकेज 85 लाख रुपए था, जबकि 2026 में यह 64 लाख रुपए रहा। वर्ष 2025 के लिए प्रकाशित आंकड़ों में अधिकतम पैकेज 82 लाख रुपए दर्ज है। मैनिट की प्लेसमेंट अधिकारी अरुणा सक्सेना के अनुसार, एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियां अब पहले की तुलना में कम विद्यार्थियों का चयन कर रही हैं।