
भोपाल। यूकेलिप्टस या नीलगिरी का तेल शरीर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसकी पत्तियों को सुखाकर, क्रश करके और डिस्टलाइज्ड करके यह तेल प्राप्त किया जाता है। यह तेल रंगहीन होता है, जिसमें एक तीव्र गंध होती है। फिलहाल अपने औषधीय गुणों के कारण दुनियाभर में यह तेल काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसमें सिनोल नाम का एक तत्व होता है, जो मेडिसिनल उपयोग के लिए इसे फायदेमंद बनाता है। यह एक नेचुरल तेल होता है। इस तेल में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले एंटी सेप्टिक और एंटी ऑक्सीडेंट के गुण होते हैं। इस तेल की मालिश सीने पर करने से सर्दी और जुकाम की समस्या में आराम मिलता है। आइए जानते हैं इसके गुणों के बारे में...
कोल्ड की समस्या
नीलगिरी के तेल में एंटी वायरल और जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो सर्दी और जुकाम के इलाज में मदद करते हैं। नीलगिरी के तेल की तीव्र सुगंध बंद नाक को खोलने का काम करती है और ठंड व फ्लू की समस्या को कम करती है। इसके लिए गर्म पानी के एक कटोरे में नीलगिरी तेल की 10-15 बूंदें मिलाएं। फिर इसकी कम से कम पांच से 10 मिनट तक भाप लें। आप ऐसा दिन में 2 या 3 बार कर सकते हैं।
सिरदर्द में राहत
नीलगिरी का तेल सिरदर्द में आराम पहुंचाता है। गर्म पानी से भरे एक कटोरे में नीलगिरी तेल की कुछ बूंदें मिलाएं। इस पानी से भाप लें। दिनभर में दो से तीन बार ऐसा करने से आपको काफी आराम मिल जाएगा। इसके अलावा सिरदर्द को कम करने के लिए नारियल का तेल और नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदों मिक्स करके माथे की मालिश कर सकते हैं। इसकी सीमित मात्रा का ही प्रयोग करें, वरना आपको गंध से समस्या भी हो सकती है।
ओरल हेल्थ के लिए
नीलगिरी का तेल आपकी ओरल हेल्थ यानी दांतों की सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इसकी एंटी माइक्रोबियल प्रॉपर्टीज दांतों की सडऩ को दूर करने का काम करती हैं। नीलगिरी के तेल की दो से तीन बूंदों को गर्म पानी के साथ मिक्स कर लें। फिर इस पानी से कुल्ला करें। कम से कम एक हफ्ते तक ऐसा करने से आपको दांतों की सडऩ से छुटकारा मिल जाएगा। ध्यान रहे कि कभी इस तेल को निगले नहीं। आंतरिक रूप से लेने पर यह विषाक्त हो सकता है। बच्चों को इसका इस्तेमाल न करने दें।
खांसी में आराम
नीलगिरी के एसेंशियल ऑयल में खांसी को कम करने की क्षमता होती है। खांसी की कई दवाओं में भी इसका प्रयोग किया जाता है। गर्म पानी के एक छोटे बाउल में नीलगिरी के एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें मिलाएं और इसकी भाप लें। इससे कफ की समस्या दूर होगी और खांसी में आराम मिलेगा। दिन में दो बार इस प्रयोग को करें।
जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
नीलगिरी का तेल जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में राहत प्रदान करता है। नीलगिरी के तेल की दो या तीन बूंदों को गर्म नारियल के तेल की दो चम्मच मात्रा में मिलाएं। इस मिश्रण से 5 से 10 मिनट के लिए प्रभावित हिस्से पर मालिश करें। एक सप्ताह तक यह प्रयोग करने से काफी आराम मिलेगा।