
सीएम मोहन यादव (फोटो-एएनआई)
Sagar : एमपी के सागर में मिलावटी शराब से मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 14 लोगों की मौतों की सूचना है। कई प्रभावित अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावितों का हाल जाना और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस बीच मिलावटी शराब मामले में 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है जिसमें कई प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हैं। यूपी के ललितपुर के शराब ठेकेदार पर भी केस दर्ज किया गया है।
सागर में हुए शराब कांड पर बीजेपी सरकार पर विपक्षी हमलावर हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार खुलेआम चल रहा है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने सागर जिले के बंडा ब्लॉक में शराब कांड में बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि गूगरा खुर्द, नौराज़, बैराज सहित अन्य गांवों में जहरीली शराब ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान ले ली है और 35 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहे हैं। यह सरकार के संरक्षण में चल रहे अवैध शराब कारोबार का परिणाम है।
अरुण यादव ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जो भी इस मामले के जिम्मेदार हैं, उनपर कठोर कार्यवाही होना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मैंने पहले भी सागर में अवैध शराब बिक्री को सरकारी संरक्षण पर सवाल उठाए थे। उन्होंने इस नेटवर्क पर ठोस कार्रवाई की मांग की।
अभी तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि सागर में यूपी का रैकेट मिलावटी शराब की सप्लाई कर रहा था। यूपी के ललितपुर से यह शराब जिले के दूर दराज के गांवों में सप्लाई की गई थी। मामले में कई रसूूखदारों सहित 12 पर केस दर्ज किया गया है। इसमें ललितपुर का शराब ठेकेदार भी शामिल है। सीएम मोहन यादव ने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तुरंत मौके पर पहुंचने को कहा है। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जांच कमेटी भी गठित कर दी गई है।
Updated on:
06 Sept 2026 01:10 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:54 pm
