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फर्जी IAS तृप्ति सिंह का नया खेल, कॉलेज से ठगी कर रहे थे भाई-बहन, ChatGPT से बनाते थे दस्तावेज

Fake IAS Tripti Singh Rajput fraud case: सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवाओं से लाखों की ठगी करने वाली फर्जी IAS तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु कॉलेज के दिनों से ठगी का धंधा कर रहे है। पुलिस की जांच में सामने आई नई जानकारी।
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भोपाल

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Akash Dewani

Sep 06, 2026

fake ias tripti singh rajput brother sudhanshu fraud since college days

Fake IAS Tripti Singh Rajput Case: कालेज के दिनों से ठगी कर रहे थे तृप्ति सिंह राजपूत और उसका भाई सुधांशु (फोटो सोर्स- Patrika)

Fake IAS Tripti Singh Rajput Case: फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु से जुड़ी ठगी की जांच में भोपाल पुलिस को फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क की जानकारी मिली है। पुलिस जांच में आया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को भरोसे में लेने के बाद उनके लिए फर्जी ज्वॉनिंग लेटर और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। भाई बहन के कहने पर यह काम आरोपी प्रखर करता था। पूछताछ में सामने आया है कि वह दस्तावेज तैयार करने में एआइ और चैट जीपीटी की मदद लेता था। पुलिस को पता चला है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान वह कई युवकों से दोस्ती करती थी और बाद में उनसे रुपए लेती थी। तृप्ति ने टीआटी कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद एमबीए और एम्प्री से ह्यूमन रिसोर्स से जुड़े कोर्स भी किए थे। पुलिस अब उसके पुराने संपर्को और लेन-देन की भी जानकारी जुटा रही है।

7 सितंबर तक है रिमांड पर

पुलिस ने बताया कि आरोपी तृप्ति और सुधांशु को बागसेवनिया पुलिस 3 सितंबर को प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लाई थी। दोनों 7 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ में चंदेरी के एक टूरिस्ट गाइड से उसकी बेटी की नौकरी लगवाने के नाम पर 3 लाख रुपए लेने का मामला भी सामने आया है। लोगों को प्रभावित करने और अपने रसूख का दिखावा करने के लिए किए गए काम ने बाद में ठगी का रूप ले लिया।

इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की हो रही जांच

पुलिस ने तीसरे आरोपी प्रखर को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उसके पास से लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और किन-किन मामलों में उनका इस्तेमाल हुआ।

जिन लड़कियों से साथ बनाया था वीडियो, उन्हें भी ठगा था

बता दें कि, पुलिस की जांच में यह भी सामने आया था कि जिन दो लड़कियों के साथ विधानसभा के बाहर वीडियो बनाया था, उन्हें भी फर्जी आईएएस तृप्ति सिंह राजपूत ने ठगा था। उन्होंने पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें भी ठगी का शिकार बनाया था। दोनों लड़कियां बैतूल की रहने वाली हैं। उन्होंने तृप्ति के साथ वीडियो शूट करते हुए प्रोबेशनर बताया था। पुलिस ने दोनों लड़कियों को खोज निकाला तो उन्होंने बताया कि तृप्ति ने खुद को प्रशासनिक अकादमी में शिक्षिका और सिविल सर्विस की कोचिंग देने वाली बताया था। उनसे भी आइएएस बनवाने और नौकरी दिलाने के नाम पर 3-3 लाख रुपए ठगे थे।