
सीएम डॉ. मोहन यादव (Photo Source: CM Mohan yadav X हैंडल)
Dilip Kapse : मध्यप्रदेश में प्रशासनिक सर्जरी का दौर जारी है। शनिवार दोपहर को भी प्रदेश के अनेक आइएएस अधिकारियों को इधर से उधर कर दिया गया। सीएम के दुबई दौरे से पहले 11 अधिकारियों के तबादले किए गए। आइएएस नेहा मारव्या को जहां कर्मचारियों, अधिकारियों के आंदोलन के चलते बदला वहीं विदिशा जिला पंचायत के सीईओ ओम प्रकाश को उज्जैन का अपर मेलाधिकारी बनाया। सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी को सेवानिवृत्ति के कुछ दिन पहले राहत दी गई। अच्छे पद के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे दिलीप कापसे को भी संभागायुक्त बना दिया।
सीएम डॉ. मोहन यादव रविवार को तीन दिन के लिए दुबई जा रहे हैं। उनके दुबई दौरे से एक दिन पहले राज्य के प्रशासनिक तंत्र में ये अहम बदलाव किए गए हैं।
प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत अनुराग वर्मा से भंडार गृह निगम वापस लेकर राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी का स्थाई जिम्मा दिया है। अब तक यह निगम अतिरिक्त प्रभार के रूप में था। गेहूं खरीदी व्यवस्था में किसानों की नाराजगी सामने आई थी। सीएम मोहन यादव को खुद मैदान में उतरना पड़ा था। इसके बावजूद वर्मा को यह जिम्मा दिया गया।
सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी को सेवानिवृत्ति के कुछ दिन पहले राहत भरी सौगात दी गई है। वे इसी माह के अंत में यानि 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। रिटायरमेंट के 25 दिन पहले सागर संभागायुक्त अनिल सुचारी को भोपाल बुला लिया है। उन्हें भंडार गृह निगम के प्रबंध संचालक का दायित्व दिया गया है। इस प्रकार सेवाकाल के अंतिम दिनों में वे अगले 24 दिन तक राजधानी में ही रहेंगे।
अनिल सुचारी को भंडार गृह निगम के प्रबंध संचालक बनाने से सागर संभागायुक्त की कुर्सी खाली हुई। सरकार ने इसकी कमान अब दिलीप कुमार कापसे को दी है। वे उद्योग आयुक्त थे। दिलीप कुमार कापसे लंबे समय से अच्छा अवसर तलाश रहे थे। इसके लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे। सागर संभागायुक्त के रूप में आखिरकार उनकी इच्छा पूरी हो गई।
Updated on:
06 Sept 2026 02:39 pm
Published on:
06 Sept 2026 02:33 pm
