
भोपाल/ देशभर में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। वहीं मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में अब तक कोरोना वायरस के पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 1687 हो गई है। वहीं भारतीय रेलवे भी कोरोना संकट में लोगों की मदद के लिए कई तरह के प्रयास पहले से ही कर रहा है। भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर जरुरतमंदो के लिए भोजन व राशन का वितरण किया जाता है। वहीं रेल मंत्रालय ने भी जरुरमंदों को भोजन के पैकेट देने को कहा है..
दरअसल, रेल मंत्रालय ने राज्यों को देशभर में रेलवे किचन से रोजाना 2.6 भोजन उपलब्ध कराने की पेशकश की है। इस भोजन के पैकेट का भुगतान रेलवे ने राज्यों से बाद में करने को कहा है। वहीं यह भोजन के पैकेट जनता को मात्र 15 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से उपलब्ध करवाए जाएंगे। भारतीय रेलवे ने 20.5 लाख से अधिक ताजा पके हुए भोजन देश भर में फंसे हुए लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, प्रवासियों और लॉकडाउन में फंसे अन्य लोगों को दिए हैं।
2.6 लाख भोजन के पैकेट उपल्ब्ध करवाएगा रेलवे
कोरोना वायरस के इस संकट में पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इस स्थिति में गरीब व जरुरतमंद लोगों को खाना उपलब्ध करवाने का जिम्मा रेलवे ने लिया है। रेलवे ने देश के हर राज्य में अपनी विभिन्न किटन से हर दिन 2.6 लाख भोजन के पैकेट उपल्ब्ध करवाने की पेशकश की है, जहां का प्रशासन लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंदों में वितरित करने के लिए बना बनाया भोजन लेने को तैयार हों। इसके अलावा रेल मंत्रालय की ओर से कहा गया कि इस संबंध में देशभर के जिलों के अधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है।
मंत्रालय की ओर से कहा गया, मंडल के अनुसार रसोइयों का ब्यौरा राज्यों को दे दिया गया है। प्रतिदिन 2.6 लाख भोजन के पैकेट की पेशकश निर्दिष्ट स्थानों की रसोई की क्षमता को देखते हुए की गई है। आवश्यकता पड़ने पर आपूर्ति बढ़ाने के लिए और रसोइयों का उपयोग किया जाएगा। भुगतान की बात राज्य सरकारों से बाद में की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि भोजन की अतिरिक्त मांग का भुगतान भी राज्यों को करना होगा।
भोपाल में भी रेलवे कर्मचारी बांट रहे भोजन के पैकेट
भोपाल रेलवे मंडल के पीआरओ आईए सिद्दीकी ने बताया की रेलवे की तरफ से प्रतिदिन भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर जरुरतमंदो के लिए भोजन व राशन का वितरण किया जाता है। कर्मचारियों की मदद से यह सुविधा लॉकडाउन में परेशान हो रहे मजदूरों व गरीबों के लिए है। आईए सिद्दीकी का कहना है कि रेलवे कर्मचारी हर संभव प्रयास कर लोगों की मदद कर रहे हैं और प्रतिदिन हजारों की संख्या में जरुरतमंदों को भोजन दे रहे हैं।