
Rajya Sabha Election- मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। (फोटो सोर्स-एएनआई)
Congress Nomination Rejection- मध्यप्रदेश की सियासत में घमासान का असर दिल्ली तक देखने को मिल रहा है। कई कांग्रेस नेताओं ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द करने के बाद गहरी नाराजगी जाहिर की है। गुरुवार को कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा है कि यह लड़ाई अब राज्यसभा चुनाव या कांग्रेस पार्टी की नहीं है, यह देश बचाने की लड़ाई बन गई है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होना थी। अब शुक्रवार को सुनवाई होगी।
मध्यप्रदेश के कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने गुरुवार को दिल्ली में एजेंसी से बात करते हुए कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द किए जाने के फैसले पर गुस्सा जाहिर किया। चौधरी ने कहा कि भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का फ़ैसला किया और मध्य प्रदेश चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों ने आदेशों का पालन करते हुए इसे लागू किया। एक मामले में, नॉमिनेशन में कमी होने के बावजूद नियमों को तोड़ा और नज़रअंदाज़ किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर, नामांकन पूरी तरह सही होने के बावजूद उसे रद्द किया जा रहा है। यह लड़ाई अब सिर्फ राज्यसभा चुनाव अथवा कांग्रेस पार्टी की नहीं रह गई है, यह देश को बचाने की लड़ाई बन गई है…"
इधर, दिल्ली में भी कांग्रेस के बड़े नेता राज्यसभा चुनाव को लेकर चले घटनाक्रम को लेकर नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। कांग्रेस की नेता रजनी पाटिल कहती हैं कि ये लोग कोई न्याय नहीं करेंगे। हमें इन पर कोई भरोसा नहीं है। जिस तरह से उन्होंने मीनाक्षी नटराजन को निशाना बनाया है। हम सब उनके साथ खड़े हैं। हम इस हरकत की निंदा करते हैं।
कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने अपने राज्यसभा नामांकन पत्र खारिज किए जाने को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कांग्रेस नेता एवं वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपात ढंग से काम किया। इसमें इस निर्णय को तुरंत रद्द करने की मांग याचिका में की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गैर-कानूनी, मनमाने और पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया। इसमें इस फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की गई। सिंघवी ने गुरुवार को जस्टिस पीके मिश्रा और अतुल एस. चंदुरकर की बेंच के सामने यह मामला उठाया। उन्होंने एक ज़रूरी प्रकरण बताते हुए इसे जल्द सुनवाई के लिए लिस्ट करने अथवा एक लाइन का अंतरिम आदेश पारित करने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण को कल शुक्रवार के लिए लिस्ट कर दिया।
वकील एवं कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की दलील है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी न देने के आरोप में नटराजन का नॉमिनेशन गलत तरीके से खारिज कर दिया। सिंघवी ने बताया कि उनके विरुद्ध सिर्फ समन जारी हुआ था, संज्ञान भी नहीं लिया गया था।
Updated on:
11 Jun 2026 07:06 pm
Published on:
11 Jun 2026 01:27 pm
