भोपाल

अब ‘MP लक्जरी टूरिज्म’ की तैयारी, इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन में 5 लाख नौकरियां

Indore Ujjain Metropolitan Region: मध्यप्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन में गठित की जाएगी मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी, वैज्ञानिक डाटा और जियोस्पेशियल टूल्स के आधार पर सुनियोजित विकास का प्लान, औद्योगिक लैंड बैंक के रूप में 5 लाख युवाओं को रोजगार देने की तैयारी में सरकार

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Jun 20, 2026
Indore ujjain Metropolitan region luxury Tourism
Indore ujjain Metropolitan region luxury Tourism: लक्जरी टूरिज्म से 10 फीसदी GDP का लक्ष्य, औद्योगिक लैंड बैंक देगा 5 लाख को रोजगार के नये अवसर। (फोटो: AI Generated)

Indore Ujjain Metropolitan Region: मध्य प्रदेश सरकार का इंदौर उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन मालवा क्षेत्र के विकास के साथ ही युवाओं के सपनों की दुनिया को भी पंख देने वाला साबित हो सकता है। सरकार के इस महत्वाकांक्षी मेगा प्रोजेक्ट में शहर के सुनियोजित विकास के लिए दूरदर्शिता भी नजर आ रही है और विकास की तेज गति भी। यदि यह प्रोजेक्ट प्लानिंग के मुताबिक ही चला तो मध्य प्रदेश देश और दुनिया के लिए विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करेगा। इस मेट्रोपॉलिटन रीजन में क्या होगा खास, क्यों प्रदेश समेत देश के विकास में अहम माना जा रहा है मध्य प्रदेश का ये प्रोजेक्ट?

इंदौर- उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का गठन

शहर के सुनियोजित विकास में आने वाली बाधाओं को खत्म करने के लिए सरकार नया कानून लेकर आई है। 'मध्यप्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025' कानून के अनुसार अब शहर (Indore Ujjain Metropolitan Region Cities Development)का विकास पारंपरिक सोच से इतर वैज्ञानिक डाटा और जियोस्पेशियल टूल्स के आधार पर होगा। इसके तहत एक सशक्त मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इसके पास पूरे क्षेत्र के लिए योजना बनाने और उसे लागू करने का सर्वोच्च वैधानिक अधिकार होगा।

20-50 साल की दूरदर्शिता रखते हुए प्रो एक्टिव प्लानिंग

यह अथॉरिटी अगले 20-50 साल की संभावित आबादी और ट्रैफिक की जरूरतों का आकलन कर बुनियादी ढांचा पहले ही तैयार कर लेगी। इस प्रक्रिया को प्रो एक्टिव प्लानिंग (Indore Ujjain Metropolitan Region Proactive Planing)कहा जाता है। इससे भविष्य की पीढ़ियों को अव्यवस्थाओं से सामना नहीं करना पड़ेगा।

Indore Ujjain Metropolitan Region Development News (AI Generated infographic)

5 लाख युवाओं को रोजगार

मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र को सरकार नये ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब (Indore Ujjain Metropolitan Region Emplyment Hub) के रूप में विकसित कर रही है। यह क्षेत्र नया औद्योगिक लैंड बैंक होगा, जहां यूआईएमआर के पास 13,500 हेक्टेयर से भी ज्यादा फैले क्षेत्र में 14 नए औद्योगिक पार्क होंगे। इस औद्योगिक क्रांति के जरिए स्थानीय युवाओं के लिए 5 लाख नई नौकरियों के अवसर का मिल सकते हैं।

पीथमपुर में ई दिखेगा व्हीकल और उन्नत इंजीनियर का नया युग

सरकार के इस मेगा प्रोजेक्ट में पीथमपुर को इलेक्ट्रिक व्हीकल और उन्नत इंजीनियरिंग के नए युग के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी को एक 'एंकर सिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, रतलाम को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड नोड बनाकर निर्यात हब (Indore Ujjain Metropolitan Region planing) के रूप में नई पहचान दी जाएगी।

ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी, ताकि नदियां भी रहें स्वच्छ और सुरक्षित

विकास की इस दौड़ में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए भी सरकार ने अहम कदम उठाया है। इसके तहत 'ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट' पॉलिसी लागू (Indore Ujjain Metropolitan Region Blue Green policy) की गई है। ब्लू यानी जल क्षेत्र और ग्रीन यानी वन क्षेत्र। इसके तहत नर्मदा नदी सहित अन्य जल निकायों (ब्लू) और वन क्षेत्रों (ग्रीन) के पास निर्माण पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा। हरियाली बढ़ाने के लिए व्यापक प्लांटेशन अनिवार्य किया गया है। यही नहीं औद्योगिक क्षेत्रों में 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' प्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि नदियों का जल प्रदूषित न हो। भविष्य के ये औद्योगिक क्लस्टर 'कार्बन न्यूट्रल' होंगे और अपनी बिजली की जरूरतों को सौर और पवन ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करेंगे।

Indore Ujjain Metropolitan Region development Planing: मालवा समेत नए मध्य प्रदेश की पहचान होगा इंदौर उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन। (फोटो सोर्स: AI Generated)

लक्जरी टूरिज्म सर्किट के साथ ही 10 फीसदी GDP लक्ष्य

मालवा क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने वाला यह मेगा प्रोजेक्ट 'विकास भी, विरासत' भी की तर्ज पर आधारित है। इसके तहत आध्यात्मिक टूरिज्म सर्किट और 10 फीसदी जीडीपी का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना है कि 2047 तक पर्यटन क्षेत्र का राज्य की जीडीपी में योगदान 10% तक होना चाहिए। अकेले उज्जैन में 2023 में 5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जिसे देखते हुए उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू और महेश्वर को एक लक्जरी टूरिज्म सर्किट के रूप में जोड़ने की योजना (Indore Ujjain Metropolitan Region Luxury Tourism Circuit) धरातल पर उतारी जा रही है। इस लक्जरी टूरिज्म सर्किट में रूरल टूरिज्म, नर्मदा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और हेरिटेज होटल्स का एक बड़ा नेटवर्क शामिल होगा, जो स्थानीय स्तर पर आय के असीमित स्रोत खोलेगा।

Updated on:
20 Jun 2026 04:12 pm
Published on:
20 Jun 2026 04:11 pm