20 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रैफिक की टेंशन खत्म, एमपी सरकार बिछा रही सिग्नल फ्री सड़कों का जाल, जानें मिनटों के सफर के नये रूट्स

Indore Ujjain bhopal high speed corridor: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार इंदौर, उज्जैन और भोपाल के बीच 60 मिनट एक्सेस कॉरिडोर और एक्सप्रेस वे बनाने की तैयारी कर रही है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन मेट्रो विस्तार और सिग्नल फ्री सड़कों के जरिए जानें कैसे नई होगी मालवा से मध्य प्रदेश की सूरत

2 min read
Google source verification
Indore Ujjain Bhopal high speed Corridor Mega Project

Indore Ujjain Bhopal high speed Corridor Mega Project: इंदौर-उज्जैन मेट्रो पॉलिटन रीजन का मेगा प्लान मध्य प्रदेश को देगा नई सूरत। (फोटो सोर्स: पत्रिका)

Indore Ujjain bhopal high speed corridor: मालवा समेत पूरे मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, छात्रों और आम यात्रियों का सफर अब बेहद आसान और सुपरफास्ट होने जा रहा है। सरकार इंदौर भोपाल एक्सप्रेस वे और इंदौर उज्जैन के बीच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाकर दूरियां मिटाने की तैयारी कर चुकी है। इंदौर-उज्जैन-भोपाल को हाई स्पीड कॉरिडोर और एक्सप्रेस वे से जोड़ने के लिए '60 मिनट एक्सेस' का एक नया विजन तैयार किया गया है। इसके तहत अब 16 हजार वर्ग किलोमीटर के मेट्रोपॉलिनटन रीजन में ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा कि कोई भी नागरिक केवल 60 मिनट यानी एक घंटे में प्रदेश के मुख्य आर्थिक केंद्रों पर पहुंच सकेगा।

सिग्नल फ्री सड़कों के साथ ही, इंदौर मेट्रो का विस्तार उज्जैन तक करके बस, रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी को पूरी तरह एकीकृत किया जाएगा। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार का दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रणनीतिक लाभ के लिए और राज्य को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम है। ये मेगा प्रोजेक्ट जानें कैसे बदलेगा मालवा समेत पूरे मध्य प्रदेश की तस्वीर...

मेट्रो और रेल का होगा एकीकरण, यात्रियों का इंतजार खत्म होगा

स्थानीय विकास को रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार केवल सड़क मार्ग पर ही निर्भर नहीं रहना चाहती, वह सार्वजनिक परिवहन के हर मोर्चे को आधुनिक बनाने पर फोकस कर रही है।

उज्जैन तक मेट्रो का विस्तार करने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार ने इंदौर मेट्रो का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है। इसका विस्तार उज्जैन तक किए जाने की तैयारी है। इसका बड़ा फायदा ये होगा कि वहां उन्नत सेवाओं की शुरुआत होगी।

इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सिस्टम, समय बचेगा

इस नई रणनीति के तहत रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मेट्रो स्टेशनों की कनेक्टिविटी इस तरह की जाएगी कि पैदल चलने या लंबा इंतजार करने में यात्रियों का समय बर्बाद नहीं होगा।

स्टूडेंट्स और कर्मचारियों को राहत

औद्योगिक क्लस्टर्स और आवासीय क्षेत्रों के बीच ऐसी सीधी कनेक्टिविटी तैयार की जा रही है कि इससे कर्मचारियों और स्टूडेंट्स को अपने कार्यस्थलों और संस्थानों तक पहुंचने में लगने वाला समय भी घटेगा।

ग्लोबल लॉजिस्टिक हब होगा मालवा

इस परियोजना के तहत मध्य प्रदेश को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की योजना है। माना जा रहा है कि यह योजना प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगी। दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC)के पश्चिमी छोर पर होने के कारण इस पूरे कार्य क्षेत्र को रणनीतिक रूप से बड़ लॉजिस्टिक हब मिलेगा।

वैश्विक बाजार तक पहुंच बना सकेगा मालवा का व्यापार

इसके साथ ही इस क्षेत्र में प्रस्तावित नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एरो सिटी के निर्माण से मालवा का व्यापार वैश्विक बाजार तक पहुंचने का रास्ता मिलेगा। डीएमआईसी की सीमाएं भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन से भी जुड़ेंगी। इससे इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर की कनेक्टिविटी को एक नया आयाम मिलेगा।

सिग्नल फ्री रूट, पांच शहरों का नेटवर्क जुड़ेगा

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत औद्योगिक नोड्स जैसे पीथमपुर, सांवेर, रतलाम को एकीकृत किया जाएगा। इसके तहत इंदौर, उज्जैन, धार, देवास और शाजापुर को आपस में जोड़ने वाले सभी मुख्य मार्गों को पूरी तरह से सिग्नल फ्री किया जाएगा। इसके साथ ही ये रूट कमर्शियल वाहनों के साथ आम जन को भी ट्रैफिक से मुक्ति दिलाएंगे।