थाने में दें किराएदारों की जानकारी, नहीं तो होगी कार्यवाही: कलेक्टर
मंडीदीप. शहर में मकान मालिकों, श्रम ठेकेदारों सहित होटल लॉज संचालकों को अपने यहां काम करने वाले और ठहरने वाले लोगों का रिकार्ड पुलिस थाने में देना अनिवार्य किया गया है। रायसेन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने लोकसभा चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए जिले में आने-जाने ठहरने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
कलेक्टर एस प्रिया मिश्रा ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत जिले में सभी रहवासियों को उनके किराएदारों, घरेलू नौकर एवं सभी तरह के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों एवं कारीगरों की जानकारी पुलिस थाने में उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा अस्थायी रूप से होटल, लॉज और धर्मशाला के मालिकों को उनके प्रतिष्ठान पर ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी एक रजिस्टर में लिखकर प्रतिदिन पुलिस थाने में देने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि कई अपराधों में किराएदार द्वारा वारदात को अंजाम देकर फरार होने के मामले सामने आ चुके है। पुलिस के पास इनके जानकारी के अभाव में इनकी खोजबीन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा है।
जागरुकता का अभाव
पुलिस के पास किराएदारों की जानकारी नहीं होने के पीछे लोगों में जागरुकता की कमी एक बड़ी वजह है। सतलापुर थाना प्रभारी पियुस चाल्र्स ने बताया कि जागरुकता की कमी के चलते अधिकतर मकान मालिक किराएदारों की जानकारी नहीं देते है। मकान मालिकों को फार्म के साथ किराएदार के पहचान पत्र व फोटो पुलिस थाने में जमा कराना चाहिए। ठेकेदारों व कारखाना संचालको को भी उनके श्रमिकों की जानकारी देना चाहिए।
बाहरी लोगों की रहती है आवाजाही
मंडीदीप के औद्योगिक कारखानों में देश के हर कोने से लोग आकर काम कर रहे हैं और किराए से रह रहे हैं। शहर में रहकर लोगों द्वारा शहर में अपराध को अंजाम देकर फरार होने के कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई लोग अन्य जगह अपराध कर शहर में फरारी काटते हुए भी नजर आते हैंं। उनकी जानकारी नहीं होने के कारण अपराधी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। नियमों के तहत किराएदारों की जानकारी पुलिस के पास होना चाहिए। पुलिस इस इंतजार में बैठी है कि लोग स्वयं आगे आकर उनके पास किराएदारों की जानकारी दर्ज कराएंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
एक मकान में 50-50 किराएदार
मंडीदीप में लोगों ने ज्यादातर मकान किराए से उठा रखे हैं, कुछ मकानों में तो 50 से ज्यादा किराएदार रहते हैं, लेकिन उनकी जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती है। सबसे ज्यादा किराएदार सतलापुर, वार्ड 23 वार्ड 24 , पटेल नगर और इंदिरा नगर में रहते हैं।
- लोकसभा चुनाव के दौरान शहर के सभी किराएदारों, श्रमिकों एवं घेरलू नौकरों की जानकारी के साथ होटल एवं लॉज में ठहरने वालों का पूरा रिकार्ड रखने के निर्देश संबंधित पुलिस थानों को दिए हैं, इसके लिए जिला प्रशासन ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 लागू की है।
-मोनिका शुक्ला, पुलिस अधीक्षक रायसेन