
Neha Pachisia : भ्रष्टाचार के मामले में एफआइआर दर्ज होने और निलंबन के बाद कटनी की CSP रहीं नेहा पच्चीसिया के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। उनके खिलाफ गुरुवार को एफआइआर हुई थी। शुक्रवार तड़के पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीएसपी कार्यालय सील कर दिया गया, ताकि साक्ष्यों और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ न हो सके। बाद में नेहा पच्चीसिया को निलंबित भी कर दिया गया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरु हो गई है। जबलपुर आईजी ने नेहा पच्चीसिया केस की जांच एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी है। इसी के साथ 3 अलग अलग जांचों से उनकी नौकरी दांव पर लग चुकी है। जमीन के दस्तावेज, बैंक ट्रांजैक्शन, केस डायरी और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल होगी।
निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया, कथित पार्टनर क्षितिज राज बारापात्रे और मारूफ अहमद पर कुठला थाने में केस दर्ज किया गया है। तीनों पर सांठगांठ कर हत्या के आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन की राशि में हेरफेर करने के आरोप हैं। FIR दर्ज होने और निलंबन के बाद फिलहाल नेहा पच्चीसिया पर कोई पदभार नहीं है।
सीएसपी नेहा के रीडर नरेन्द्र पांडेय, गार्ड मंटू, चालक केशब भी निलंबित कर दिए गए हैं। पूर्व में कुठला थाने में पदस्थ एसआइ सौरभ सोनी (अभी स्लीमनाबाद में) पर भी निलंबन की गाज गिरी है। आरोपी को सीएसपी द्वारा रंगनाथ नगर में बैठाकर रखने, रिपोर्ट न डालने व अफसरों को जानकारी नहीं देने पर रंगनाथ नगर थाना प्रभारी एसआइ अरुणपाल सिंह भी निलंबित किए गए हैं।
जबलपुर आइजी प्रमोद वर्मा के अनुसार केस की विस्तृत और निष्पक्ष जांच एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी है। जांच एजेंसी अब बैंक खातों, लेन-देन के स्रोत और जमीन सौदे से जुड़े सभी दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
राजगढ़ जिले के पचोर तहसील में स्कूल शिक्षक की बेटी नेहा पच्चीसिया ने कभी एयर होस्टेस की नौकरी छोड़कर एमपीपीएससी में 20वीं रैंक हासिल की थी। अब भ्रष्टाचार के प्रकरण से उनका नाम जुड़ गया है। इतना ही नहीं, नेहा पच्चीसिया की नौकरी ही दांव पर लग चुकी है। उनके खिलाफ अब एक साथ 3 जांचें चल रहीं हैं-
विभागीय जांच में एएसपी अंजना तिवारी आरोपी नेहा पच्चीसिया के आचरण की समीक्षा करेगी। सरकारी सेवा नियमों के आधार पर उनकी जांच की जाएगी।
FIR के आधार पर पुलिस मामले की आपराधिक जांच कर रही है।
जमीन के सौदे और वसूली के मामले को जोड़कर जांच करने के लिए SIT गठित की जा रही है।