
भोपाल. एमपी के निवाड़ी जिले में लोहे का बड़ा भंडार मिला है। यहां के दो गांवों धौर्रा और उरदौरा में लौह अयस्क की खदानें मिलीं हैं। धौर्रा उरदौरा में 130 हेक्टेयर की खदान चिह्नित की गई हैं जहां खुदाई की जाएगी। इसके लिए जबलपुर की पैस्फिक आयरन लिमिटेड को ठेका दे दिया है। यहां जल्द ही लोहे का खनन शुरू कर दिया जाएगा।
भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के सहयोग से यहां लौह अयस्क का पता लगाया गया था। केंद्र सरकार की सर्वे टीम ने यहां 5,240 करोड़ का खनिज भंडार बताया था। सर्वे के बाद भारत सरकार के खान मंत्रालय की बैठक हुई। करीब 4 साल पहले केन्द्रीय भू-वैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड की इस बैठक में बताया गया था कि धौर्रा और उरदौरा में क्रमश: 28.56 टन व 14.15 टन लौह अयस्क मिलने का अनुमान है।
भूगर्भ शास्त्रियों के अनुसार यहां ग्रेनाइट की चट्टानें हैं। लाल मिट्टी की मात्रा भी अधिक है। इसलिए यहां पर लोह अयस्क के अपार भंडार हो सकते हैं।
प्रारंभिक सर्वे में धौर्रा व उरदौरा के पास करीब 42 मिलियन टन लोहा होने के संकेत मिले थे। इस सर्वे टीम में शामिल भू वैज्ञानिक प्रदीप कुमार भूयन के अनुसार इलाके में लोह अयस्क के भंडार हैं। यहां 40 से 45 फीसदी क्वालिटी का लोहा निकलेगा। केंद्र सरकार को दी गई सर्वे रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया था।
निवाड़ी के जिला खनिज अधिकारी पंकज ध्वज मिश्रा के मुताबिक लोहे की खुदाई के लिए ठेके की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कुछ अन्य औपचारिकताएं शेष हैं। खनन की अनुमति सहित पर्यावरण बोर्ड की स्वीकृति के लिए काम किया जा रहा है। यहां लगभग एक से डेढ़ साल में काम शुरू हो जाएगा। लौह अयस्क निकलने पर क्षेत्र में तमाम उद्योग स्थापित हो सकेंगे।
धौर्रा उरदौरा में जिस 130 हेक्टेयर में लौह अयस्क हैं उसमें से 60 हेक्टेयर निजी जमीन है। कंपनी को जितनी जमीन की आवश्यकता होगी, उसका अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ही किसानों को मुआवजा देगी।
गौरतलब है कि निवाड़ी जिले में पायरोफ्लाइट, ग्रेनाइट व खंडा पत्थर भरपूर मात्रा में हैं। लौह अयस्क की खुदाई और कंपनी के कारखाना लगाने के बाद जिले में रोजगार बढ़ेगा। इससे प्रदेश को भी अतिरिक्त आय होगी।