भोपाल

जयस उतारेगा 47 सीटों पर उम्मीदवार, भाजपा और कांग्रेस नेताओं की उड़ी नींद

जयस उतरेगा 47 आदिवासी सीटों पर उम्मीदवार, अपनी सीट बचाने में जुटे भाजपा,कांग्रेस के दिग्गज

2 min read
Jun 09, 2018
politics on water

भोपाल : प्रदेश के आदिवासी तबके के बीच काम कर रहे जय आदिवासी संगठन यानी जयस विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने जा रहा है ।

जयस की इस तैयारी ने भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की नींद उड़ा दी है, चिंता में वो नेता ज्यादा हैं जो आदिवासी सीटों पर लंबे समय से काबिज हैं। इन नेताओं को अब अपनी हार का डर सताने लगा है। भाजपा और कांग्रेस के नेता अब इस संगठन को मनाने में जुट गए हैं। जयस पिछले छह सालों से आदिवासी युवाओं के बीच काम कर रहा है।

आदिवासियों की मांगों को लेकर उनको संगठित किया जा रहा है, जिनमें पांचवी अनूसूची समेत कई अन्य मांगें शामिल हैं। जयस का प्रभाव मालवा-निमाड़ में सबसे ज्यादा है इसके अलावा झाबुआ- मंडला जैसे आदिवासी जिलों में भी जयस काम कर रहा है। जयस का कहना है कि वो विधानसभा चुनाव में ४७ आदिवासी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा साथ ही ३५ एेसी सीटें जहां पर आदिवासियों की संख्या ५० हजार तक है उन पर भी प्रत्याशी खड़े करने की तैयारी की जा रही है।

हाल ही में मनावर,धार और कुक्षी में हुई जयस की रैली में जुटी भीड़ आदिवासी नेताओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। - रंजना बघेल ने सीएम से मिलवाए जयस के नेता रंजना बघेल मनावर सीट से लंबे समय से चुनाव जीत रही हैं, इसलिए चिंता में वो भी हैं। रंजना बघेल ने हाल ही में कुछ लोगों को सीएम से मिलवाया था जिनको जयस का सदस्य बताया गया। रंजना ने कहा कि जयस के दो गुट काम करते हैं जिनमें से एक गुट समाज सेवा करता है, उन्हीं लोगों को सीएम से मिलवाया गया था।

इस मुलाकात के पीछे ये माना जा रहा है कि रंजना ने ये बताने की कोशिश की है कि जयस के लोग उनके साथ हैं जबकि जयस का कहना है कि उन लोगों का संगठन से कोई ताल्लुक नहीं हैं, उनको बहुत पहले निष्कासित किया जा चुका है। - जयस को साथ लाने में जुटे बाला बच्चन कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बाला बच्चन जयस को कांग्रेस के साथ लाने में जुटे हैं।

बाला बच्चन का दावा है कि जयस के अध्यक्ष डॉ हीरा अलावा से बात हो चुकी है, उनके लोग कांग्रेस के खिलाफ चुनाव नहीं लडेंगे। जयस से जुड़े युवा उनके ही साथी हैं इसलिए वो कांग्रेस का साथ देंगे।

जयस ४७ आदिवासी सीटों के साथ साथ अन्य आदिवासी बाहुल्य सीटों पर भी चुनाव लड़ेगा, न वो कांग्रेस के साथ है और न भाजपा के। आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक समझा गया है। रंजना बघेल ने जिन लोगों को सीएम से मिलवाया है वो उनके संगठन से संबंधित नहीं हैं। - डॉ हीरा अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष, जयस

Published on:
09 Jun 2018 09:39 am
Also Read
View All