- अवांछित तत्व उखाड़ ले गए नहर के पत्थर, किनारे भी किए क्षतिग्रस्त- पूजन सामग्री व कचरा फेंकना, जानवर नहलाना, वाहन धोना भी शामिल- पूरी नहर को पक्का करने के लिए 2.09 करोड़ रुपए का प्रस्ताव लंबित
भोपाल. नदी, नहर, तालाब, कुआं आदि जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए शासन और स्वयंसेवी संस्थाएं लगातार प्रयासरत हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी हालत बदतर है।
कलियासोत नहर के पत्थर तक अवांछित तत्व उखाड़ ले गए थे। इस नहर के किनारे कई स्थानों पर अवैध कब्जे हो गए हैं, जिससे कुछ स्थानों पर तो नहर खत्म सी हो गई है।
इस नहर का असितित्व बचाने के लिए जल संसाधन विभाग ने शासन को पूरी नहर पक्की करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन यह प्रस्ताव अभी तक शासन स्तर पर लंबित है। कचरे के साथ तमाम पॉलीथिन और अपशिष्ट भी खेतों में पहुंच रहा है। इससे फसल और जानवरों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है।
उल्लेखनीय है कि कलियासोत नहर चूनाभट्टी में कलियासोत डैम से निकलती है। उसके बाद यह शाहपुरा, गुलमोहर होते हुए लहारपुर डैम की तरफ जाती है। इस नहर से बड़े क्षेत्रफल की सिंचाई की जाती है।
इस नहर में अवांछित लोग कचरा, गंदगी फेंकते हैं। नहर में जानवरों को नहलाना, कपड़े धोना, पूजा के फूल पैकिंग आदि फेंक देते हैं। कई लोग अपनी गाडिय़ों और लोडिंग वाहनों को भी नहर पर धोते हैं। इससे सड़क भी खराब होती है। कचरे के साथ तमाम पॉलीथिन और अपशिष्ट भी खेतों में पहुंच रहा है। इससे फसल और जानवरों को भी नुकसान होने की आशंका रहती है।
कलियासोत नहर को पूरा पक्का बनाने के लिए 2.09 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जो अभी तक लंबित है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
- आरके जैन, एसडीओ, जल संसाधन विभाग