मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ ने महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भोपाल. महाराष्ट्र के हाई वोल्टेज ड्रामे का मंगलवार को अंत हो गया। फ्लोर टेस्ट से पहले ही भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। लेकिन मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ ने महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कमल नाथ देश के उन नेताओं में हैं जिनका सभी पार्टी के कद्दावर नेताओं से अच्छे रिश्ते हैं। कमल नाथ और बाला साहेब ठाकरे के रिश्ते भी अच्छे थे।
शरद पवार से पुरानी मित्रता
कमल नाथ की राकांपा प्रमुख शरद पवार से पुराी मित्रता है। शरद पवार और कमल नाथ लंबे समय तक केन्द्र में एक साथ मंत्री भी रहे हैं। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम के बीच कमल नाथ राकांपा और कांग्रेस के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में थे। महाराष्ट्र की राजनीति को साधने में कमल नाथ सक्रिय रहे।
उद्धव ने दिया निमंत्रण
शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की सरकार बनाने में मध्यप्रदेश के सीएम कमल नाथ ने अहम भूमिका निभाई। उद्धव ठाकरे ने फोन कर कमल नाथ को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्यौता दिया। बाला साहेब ठाकरे से अच्छे रिश्ते होने के कारण कमल नाथ लगातार उद्धव ठाकरे के संपर्क में थे।
कमल नाथ का ट्वीट
महाराष्ट्र के सियासी घटनाक्रम में सीएम कमल नाथ ने ट्वीट करते हुए कहा- संविधान दिवस पर महाराष्ट्र मामले में आया सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला स्वागत योग्य है। आखिरकार न्याय की जीत हुई। सत्य व लोकतंत्र की जीत सुनिश्चित हो चुकी है। लोकतंत्र का मखौल उड़ाने की कोशिश आख़िर नाकामयाब साबित हुई। सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।
कांग्रेस-राकांपा के समर्थन से शिवसेना की सरकार
महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। महाराष्ट्र में भाजपा ने अजित पवार के साथ मिलकर सरकार बनाई लेकिन वो सरकार केवल 80 घंटे तक ही चल सकी। अब महाराष्ट्र के नेए सीएम उद्धव ठाकरे होंगे। महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा गठबंधन की सरकार बनी है।