भोपाल

LNIU : आखिरकार इंटरनल इंक्वायरी कमेटी की जांच में सामने आ ही गई गड़बड़ी…

फेल छात्रों को दे दी बीएएलएलबी की डिग्री,हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल द्वारा पिछले ढाई महीने से की जा रही है जांच-पड़ताल।
2 min read
• •
Updated: 14 Nov 2017, 10:27 AM IST
student protest

भोपाल। नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में एक नहीं बल्कि दर्जनभर फेल छात्रों को बीएएलएलबी की डिग्री देने का मामला सामने आया है। यह बात यूनिवर्सिटी स्तर पर हुई इंटरनल जांच कमेटी की रिपोर्ट से उजागर हुई है। इस कमेटी ने एक दर्जन एेसे छात्र ट्रेस किए हैं, जो किसी न किसी विषय में फेल हैं या परीक्षा में ही शामिल नहीं हुए। यह छात्र अलग-अलग सत्र के हैं।

उधर, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल द्वारा पिछले ढाई महीने से जांच-पड़ताल की जा रही है। एनएलआईयू के छात्रों ने इसकी शिकायत सुप्रीम कोर्ट में की थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह शिकायत एनएलआईयू भेजी गई, जिसके आधार पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रो. घयूर आलम की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की जांच कमेटी गठित की, जिसमें प्रो. यूपी सिंह व ग्रंथपाल शिवपाल सिंह कुशवाह शामिल थे।

असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह निलंबित-
इस मामले में प्रारंभिक तौर पर परीक्षा शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह की लापरवाही सामने आ रही है। इन्हें निलंबित किया गया है। वहीं, इन्हें आरोप पत्र भी थमा दिया गया है। जस्टिस गोहिल की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई हो सकेगी।

अपना पक्ष रखने के लिए सिंह द्वारा एडवोकेट भी नियुक्त कर दिया गया है। असिस्टेंट रजिस्ट्रार सिंह ने कहा कि अभी जांच चल रही है, इसलिए वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

एनएलआईयू की कार्यपरिषद ने मुझे जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। जब तक सभी पक्षों को सुना नहीं जाता, तब तक कुछ टिप्पणी नहीं की जा सकती।
- अभय गोहिल, रिटायर्ड जस्टिस

किसी भी गड़बड़ी को बर्दास्त नहीं किया जा सकता। शिकायत के आधार पर इंटरनल कमेटी से जांच कराई गई। कार्यपरिषद के निर्णय के आधार पर रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल द्वारा जांच की जा रही है।
- डॉ. एसएस सिंह, डायरेक्टर एनएलआईयू

हायर अथॉरिटी के डेलीगेशन ने की चर्चा, चीफ जस्टिस को देंगे रिपोर्ट
एनएलआईयू में डायरेक्टर को हटाने की मांग को लेकर छात्र धरने पर बैठे हैं। सोमवार को हायर अथॉरिटी का डेलीगेशन एनएलआईयू पहुंचा, जिसमें लॉ डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिव अरविंद मोहन सक्सेना व उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त नीरज मण्डलोई शामिल थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा की। इसकी रिपोर्ट चीफ जस्टिस को सौंपी जाएगी।

छात्र-छात्राओं ने बताया कि उनका एक डेलीगेशन बुधवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से मिलेगा। छात्र-छात्राओं ने कहा कि जीफ जस्टिस जो भी निर्देश देंगे वे उनका पालन करेंगे। मंगलवार को छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर भी बैठने की तैयारी कर रहे हैं। छात्र-छात्राओं के आंदोलन को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट व ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के बोर्ड मेंबर अजय दुबे ने राष्ट्रीय महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को जानकारी भेजी है। एनएलआईयू में प्रोग्राम के तौर पर कार्यरत रोहित शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत की गई है।

Published on: