भोपाल

कांग्रेस की ये नई रणनीति जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान, भाजपा के लिए बढ़ी परेशानी!

कांग्रेस की ये नई रणनीति जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान, भाजपा के लिए बढ़ी परेशानी!...

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Jun 03, 2018
कांग्रेस की ये नई रणनीति जानकार आप भी रह जाएंगे हैरान, भाजपा के लिए बढ़ी परेशानी!

भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले चुनावों को लेकर एक बार फिर राजनीति गर्मा गई है। जिसके चलते कांग्रेस व भाजपा ने अपनी तैयारियों पर कार्य करना तक शुरू कर दिया है। ऐसे में दोनों एक दूसरे की चाल समझने की कोशिश में जुटे हुए हैं, वहीं अपनी रणनीति कमजोर पड़ते देख दोनों पार्टियां लगातार अपनी रणनीति में कुछ नयापन लाते हुए। दूसरे को अचानक भौचक्का करने में लगा हुआ है।


इसी के चलते मध्य प्रदेश में चुनावी वर्ष में कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के साथ हाथ मिलाने जा रही है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां मिलकर लड़ेंगी।

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कांग्रेस-बीएसपी के गठबंधन की संभावना को पुष्ट करते हुए एमपी कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने शनिवार को कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बीएसपी के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश की गई है। गठबंधन की बात सामने आने से जानकारों के अनुसार भाजपा के लिए परेशानी बढ़ गई है।

बसपा ने पहले किया था मना...
जबकि इससे पहले BSP प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने बयान दिया था कि बहुजन समाज पार्टी अपनी दम पर प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जिसके बाद प्रदेश भर में राजनीतिक हलचल बढ़ गई। वहीं सूत्रों के अनुसार इस घोषणा के बाद से कांग्रेस मुश्किल में फंस गई थी। जबकि कमलनाथ लगातार गठबंधन की बात को लेकर तैयारी की बात कर रहे।

इसी सब असमंजस्य के बीच छिंदवाड़ा से सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा, 'हमारा प्रयास समान विचारधारा वाली पार्टियों को एक साथ लाना है, जिससे बीजेपी को वोटों के बंटवारे का फायदा न मिल सके।' वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि बीएसपी चीफ मायावती के संपर्क में कौन था, तो उन्होंने सवाल को टाल दिया।

दूसरे गठबंधन...
इसके अलावा गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) के साथ भी कांग्रेस की गठबंधन के लिए बात चल रही हैा जीजीपी का आदिवासी बहुल जिलों मांडला, डिंडोरी, जबलपुर और छिंदवाड़ा में अच्छा प्रभाव है। ज्ञात हो कि इस साल के आखिर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एमपी में लगातार तीन विधानसभा चुनावों (2003, 2008, 2013) में कांग्रेस को बीजेपी से हार मिली है।

कहा जा रहा है कि कांग्रेस और बीएसपी मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव साथ लड़ सकते हैं। फिलहाल इन राज्यों में बीजेपी की सरकार है। तीनों राज्यों में कांग्रेस बीएसपी को कुछ सीटें देने को सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने गठबंधन को अंतिम शक्ल देने की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश में कमलनाथ, राजस्थान में अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ में पीएल पुनिया को दी है।

अब तक तीनों राज्यों में कांग्रेस और बीएसपी अलग-अलग लड़ती रही हैं। इन राज्यों में बीएसपी कुछ सीटों पर मजबूती से लड़ती रही है। 2013 के चुनाव के आंकड़ों को देखें तो बीएसपी को 6.43% वोटों के साथ 4 सीटें मिली थीं। अगर कांग्रेस को मिले वोट (36.38%) को इसमें जोड़ दें तो बीजेपी से महज दो फीसद का अंतर रह जाता है।

ऐसे समझें MP विधानसभा चुनाव 2013 के आंकड़े...
कुल सीट: 230
बीजेपी: 165 सीट
वोट शेयर: 44.88%
कांग्रेस: 58 सीट,
वोट शेयर: 36.38%
बीएसपी: 4 सीट,
वोट शेयर: 6.43%

कहां होगा इसका फायदा...
राजनैतिक विशेषज्ञ पहले से ही यह मान कर चल रहे थे कि कांग्रेस और बसपा साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन बीच में बसपा के प्रदेशाध्यक्ष का बयान आने से जहां कांग्रेस के लिए समस्या खड़ी हो गई थी, वहीं भाजपा को इससे राहत का अहसास हुआ। जबकि जानकारों का मानना था कि कांग्रेस और बसपा में गठबंधन का फैसला मायावती ही लेंगी।


वहीं जानकारों का यह भी मानना है कि भाजपा प्रदेश में काफी मजबूत है। इसी के चलते कांग्रेस भी गठबंधन के लिए मजबूर है। माना जा रहा था कि चुनाव में आप व बसपा जैसी पार्टियों के उतर आने की बात सामने आने से भाजपा काफी आराम की स्थिति में थी, लेकिन बसपा के कांग्रेस से हाथ मिलाने की सूचना सामने आते ही भाजपा की परेशानियां बढ़ गई हैं।

वहीं अब आप के अकेले उतरने पर भी संशय बनने लगा है, कुछ जानकारों का कहना है कि आप को भी कांग्रेस अपने साथ जोड़ने में सफल रह सकती है, लेकिन वहीं कुछ का कहना है कि आप अपने अस्तित्व को बचाने के लिए ये चुनाव अकेले ही लड़ना चाहेगी।

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Published on:
03 Jun 2018 03:17 pm
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