Liquor ban in Madhya Pradesh villages: प्रदेश के कई गांव नशा मुक्ति की राह पर है। पंचायतों में बैठक कर ग्रामीण सर्वसम्मति से शराब बंदी कर रहे हैं। नियम बना रहे हैं। इसकी सूचना सार्वजनिक की जा रही है। किसी ने नियम तोड़ा तो सजा भी दी जा रही है।
Liquor ban in Madhya Pradesh villages: झगड़े-ताने, कर्न बीमारी… जैसी वजहों से प्रदेश के कई गांव नशा मुक्ति की राह पर है। पंचायतों में बैठक कर ग्रामीण सर्वसम्मति से शराब बंदी कर रहे हैं। नियम बना रहे हैं। इसकी सूचना सार्वजनिक की जा रही है। किसी ने नियम तोड़ा तो सजा भी दी जा रही है। यह जुर्माने सामाजिक बहिष्कार के रूप में होती है। खास यह कि संबंधित गांव में नियम लागू कराने के लिए टीमें भी बनाई जा रही है। इसमें गांव के ही लोगों को रखा है। महिलाएं भी है। यह टीम शराब पीने और अवैध कारोबार करने वालों पर नजर रखती है। नियमों के तोड़ने पर सजा तय होती है।
चित्रकूट में शराब बेचना प्रतिबंधित है, लेकिन प्रभावी नहीं दिखता। कारण, मप्र के चित्रकूट का उत्तरप्रदेश से जुड़ा होना है। यूपी में शराब विक्रय पर रोक नहीं है। लिहाजा मप्र सीमा से लगे यूपी में शराब बिकती है। गोदावरी मोड़ में यूपी की शराब दुकान मप्र से 500 मीटर दूर है। ठर्री व पौसलहा की सरकारी शराब दुकानें एमपी से लगी हैं। मझगवां से शराब एमपी के चित्रकूट में सप्लाई हो रही है।
अमरकंटक. नर्मदा के उद्गम की पावन स्थली अमरकंटक अवैध कारोबार से चर्चा में है। यहां लगभग हर वार्ड में शराब की अवैध बिक्री व जुआ-सट्टा चल रह है। स्थानीय निवासी बंदे महाराज ने बताया, रिहायशी इलाकों में बेखौफ शराब परोसी जा रही है। नर्मदा मंदिर के पास के क्षेत्रों में सट्टे की पर्चियां कट रही हैं।
22 अक्टूबरः दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम आलमपुर में ग्रामीणों ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। गांव में शराब बिक्री पर रोक के संकल्प के बावजूद लगातार चल रहे अवैध कारोबार से नाराज ग्रामीणों ने दो शराब तस्करों को पकड़कर शराब की बोतलों की माला पहनाई। गांव में जुलूस निकाला।
22 अक्टूबरः मंडला जिले के छोटे-छोटे गांवों से शुरू हुई नशा मुक्ति की पहल बड़ा स्वरूप ले रही हैं। मोहगांव ब्लॉक की 38 पंचायतों समेत अन्य में शराब बंदी अभियान चल रहा है। दो दर्जन गांवों में ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर शराबबंदी की सूचना लगाई गई है। निवास, मोहगांव, नैनपुर ब्लॉकों में कई मामलों में 1,000-5000 रुपए तक जुर्माना
भी वसूला। मोहगांव, नैनपुर ब्लॉकों में कई मामलों में 1,000-5000 रुपए तक जुर्माना भी वसूला।