
भोपाल. लोकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर करने के लिए हाल में 50 मिडी बसें जोड़ी गई हैं, लेकिन पहले खरीदी गईं 44 लो फ्लोर बसें नीलाम होने की स्थिति में आ गई हैं। करीब 11 साल पहले इनकी खरीदी हुई थी। इनमें से करीब सौ बसें कबाड़ हो चुकी हैं। जो बीसीसीएल के यार्ड में खड़ी हैं। इनकी जगह मिडी बसें दौड़ाई जाएंगी।
यह योजना 2009 में शुरू की गई थी। इनके संचालन के लिए बीसीएलएल का गठन हुआ। ऑपरेटर्स तैनात हुए। फिर भी स्थिति बिगड़ चुकी है। बताया गया इसकी शुरुआत लॉकडाउन के दौरान से हुई। इस समय सभी बसें बंद हो गईं थी। इनका संचालन अब धीरे-धीरे शुरू हुआ है। जानकारी के मुताबिक करीब डेढ़ सौ बसें सड़कों पर आ गई हैं लेकिन बाकी खराब हालत में हैं। ये चलने लायक नहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक करीब 44 बसों को नीलाम करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। बाकी का भी आंकलन हो रहा है। जो सुधार के लायक होगी उनकी मरम्मत करा सड़कों पर लाया जाएगा बाकी नीलामी के जरिए बाहर हो जाएगी।
नगर वाहन सेवा का बढ़ा हिस्सा
नगर वाहन सेवा का यह बड़ा हिस्सा बन गई हैं। इनके लिए शहर में अलग से कॉरीडोर बना है। लेकिन पुराने शहर में यह दिक्कत भी हैं। यहां सड़कों की चौड़ाई कम है जबकि लो फ्लोर का आकार ज्यादा। ऐसे में कुछ जगह बार-बार जाम के हालात बन जाते हैं। इनकी जगह छोटी बसों को लाने के नाम पर मिडी बसों को लाया गया। बताया गया कि मिडी बसों का आकार छोटा और सीट संख्या कम होने से परेशानी से
निजात मिलेगी।
317 कुल लो फ्लोर और मिडी बसों की संख्या
150 लो फ्लोर बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं
01 लाख की आबादी करती है इनमें सफर
44 बसों की नीलामी होना है।
लो फ्लोर बसों के साथ मिडी बसें भी चलेगी। जिन लो फ्लोर बसों की हालत खराब हो गई है उनमें जो सुधार के लायक हैं उनकी मरम्मत कराई जानी है। जो कबाड़ हो चुकी हैं उनकी नियमों के तहत नीलाम किया जाएगा। अभी करीब 44 बसों की नीलामी होना है।
संजय सोनी, प्रवक्ता बीसीएलएल