
भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देशभर में होने वाले लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज यानि रविवार शाम हो सकता है। दरअसल चुनाव आयोग ने रविवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आज शाम करीब पांच बजे दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में होने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकता है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। वहीं आयोग ने पहले ही जता दिया था कि सारी तैयारियां हो चुकी है और कभी भी चुनाव का कार्यक्रम जारी हो सकता है।
इससे पहले चुनाव आयोग की शनिवार को एक अहम मीटिंग हुई, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी को अनिवार्य किया गया था।
लोकसभा के चुनाव अप्रैल और मई में कराए जा सकते हैं और मई के तीसरे हफ्ते में वोटों की गिनती होने की संभावना है। सात या आठ चरणों में चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं।
वहीं आज यानि रविवार को विज्ञान भवन में आयोग की प्रेस कांफ्रेंस होगी। लोकसभा चुनाव के साथ ही कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। आम चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अगले हफ्ते पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए चुनाव पर्यवेक्षकों की बैठक होगी।
मालूम हो कि वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल तीन जून को खत्म हो रहा है। संभावना है कि आयोग पहले की तरह आंध्र प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ करा सकता है।
वहीं यह भी चर्चा है कि जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव लोकसभा चुनाव के साथ होंगे, लेकिन भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव बढ़ने के कारण राज्य के जटिल सुरक्षा हालात को मद्देनजर रखते हुए ही फैसला किया जाएगा|
5 राज्यों के विधानसभा चुनाव...
दरअसल आंध्र प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 18 जून, अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का जून के पहले हफ्ते, सिक्किम विधानसभा का कार्यकाल 27 मई और ओडिशा विधानसभा का कार्यकाल 11 जून को समाप्त हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक तारीखों की घोषणा में वक्त इसलिए लग रहा है क्योंकि आम चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर राज्य में विधानसभा चुनाव कराने को लेकर भी विचार चल रहा है।
पहले ये थी स्थिति...
ओडिशा में 2014 में भाजपा यहां केवल एक ही सीट जीट पाई थी। वहीं तीन बार से राज्य के मुख्यमंत्री बन रहे नवीन पटनायक की पार्टी बीजद ने 21 में से 20 सीटें जीती थीं। पीएम मोदी ने यहां दिसंबर और जनवरी में कई दौरे कर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की है।
वहीं आंध्र प्रदेश में पिछली बार तेदेपा और भाजपा ने गठबंधन किया था। दोनों ने 25 सीटों में से 17 पर जीत दर्ज की थी। लेकिन तेदेपा अब एनडीए से बाहर हो गई है। बीते पांच साल से जगनमोहन रेड्डी भी राज्य में लगातार यात्राएं कर अपनी पार्टी वाईएसआरसीपी को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।