टिकट की दावेदारी को लेकर झलका ताई का दर्द, चुनाव से पहले कहा था- इंदौर की चाबी मेरे पास
भोपाल. इंदौर से भाजपा का उम्मीदवार कौन होगा अभी यह तय नहीं है। लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की दावेदारी को लेकर संशय बना हुआ है। इस बीच इंदौर से लगातार आठ बार की सांसद सुमित्रा महाजन का दर्द सामने आया है। मंगलवार को इंदौर भाजपा की बैठक में सुमित्रा महाजन ने पीएम मोदी को इंदौर से चुनाव लड़ने की बात कही है। हालांकि उन्होंने बाद में इसे मजाक बताया, लेकिन चुनाव में टिकट के समंजस्य को लेकर वो असहज दिखीं। बताया जा रहा है कि बैठक में कई बार ताई के चेहरे में चिड़चिड़ाहट देखी गई।
किसी ने नहीं लिया ताई का नाम
बैठक में ताई ने जब पीएम मोदी की दावेदारी पेश की तो किसी ने भी यह नहीं कहा कि मोदी नहीं ताई आप ही यहां से लड़ो। सुमित्रा महाजन के लिए यह चौंकाने वाली बात थी। महाजन की मायूसी का असर इस बात से लगाया जा सकता है कि बैठक में मौजूद गोपीकृष्ण नेमा को ताई ने डांट भी लगाई।
पीएम मोदी का नाम उछालकर दिया संदेश
सुमित्रा महाजन ने मोदी का नाम इंदौर से उछालकर संदेश देने की भी कोशिश की है। उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि अगर इंदौर से ताई उम्मीदवार नहीं बनती हैं तो उनकी जगह कोई स्थानीय नेता नहीं ले सकता है। बता दें कि पहले भी कई बार कैलाश विजयवर्गीय औऱ सुमित्रा महाजन के मनमुटाव को लेकर खबरें सामने आती रही हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान जब कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश को भाजपा ने टिकट दिया था तो कहा गया था कि ताई भी अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहीं थी। ताई के अलावा कैलाश विजयवर्गीय, मालिनी गौड़ और ऊषा ठाकुर को भी उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर चर्चा है हालांकि चुनाव कौन लड़ेगा इसका अंतिम निर्णय केन्द्रीय चुनाव समिति को लेना है। मोदी का नाम उठालकर ताई ये संदेश देना चाहती हैं कि मेरे अलावा कोई स्थानीय नेता उम्मीदवार नहीं हो सकता है। जबकि इंदौर में भाजपा के कई कद्दावर नेता हैं।
इंदौर की चाबी मेरे पास
ताई ने इंदौर में कहा था, अभी मैं स्वस्थ्य हूं और अगला लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। साथ ही उन्होंने कहा था कि इंदौर की चाबी अभी भी मेरे पास है, अगर जरुरत रही तो सही समय आने पर सही व्यक्ति को चाबी दी जाएगी। वहीं उन्होंने दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के इंदौर से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा था कि अच्छे लोग सामने होंगे तो अच्छा ही लगेगा। अच्छे लोगों को तो जरुर चुनाव लड़ना चाहिए। चुनाव में आमने-सामने की लड़ाई होगी तो मजा आएगा। कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को भोपाल से टिकट दिया है , लेकिन अभी तक इंदौर से अपने उम्मीदवार को घोषित नहीं किया है।