पहले खंडवा फिर भोपाल में उसी टैंकर से लीक हुई एलपीजी, फायर ब्रिगेड, आईओसीएल के इंजीनियर्स ने रोका लीकेज
भोपाल. भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3-4 पर खड़े एक एलपीजी वैगन से गैस लीक होने से शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बन गया। गार्ड की तत्परता के चलते स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर डीआरएम, कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर भी स्टेशन पहुंचे। वहीं फायर ब्रिगेड कर्मी और आईओसीएल के इंजीनियर्स ने मिलकर जल्द ही इस लीकेज पर काबू पाया। यह पूरे वाकये के चलते करीब 4 घंटे तक यह वैगन स्टेशन पर रुका रहा। पूरे घटनाक्रम में भोपाल डिवीजन के रेलवे गार्ड पीके सिंह की तत्परता को देखते हुए डीआरएम उदय बोरवणकर ने उन्हें 2000 रुपए का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
बीना जाने के लिए मालगाड़ी का इंतजार कर रहे गार्ड ने दी गैस लीक की सूचना
जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के ठुपुर रेलवे स्टेशन से चलकर बकानिया स्थित एलपीजी डिपो जा रहा एलपीजी वैगन सुबह 10.18 बजे भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3-4 पर आकर रुका। इंजन से 12वें टैंकर में से अचानक गैस लीक हुई। इस दौरान बीना जाने के लिए मालगाड़ी का इंतजार कर रहे भोपाल डिवीजन के रेलवे गार्ड पीके सिंह प्लेटफॉर्म पर ही बैठे थे। 11.40 बजे के आसपास जैसे ही उन्हें गैस लीक होते दिखाई दी उन्होंने तुरंत इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी।
सूचना मिलते ही एक्टिव हुए डीआरएम
सूचना मिलते ही डीआरएम उदय बोरवणकर ने सबसे पहले स्टेशन की ओएचई लाइन को बंद करवाया और तुरंत कलेक्टर तरुण पिथौड़े को भी सूचना दी साथ ही आईओसीएल के बकानिया स्थित स्टाफ को भी तुरंत स्टेशन आने को कहा और इस बीच डीआरएम स्वयं भी स्टेशन पहुंचे। इस दौरान आरपीएफ, जीआरपी स्टाफ ने स्टेशन पर मौजूद रेलकर्मियों को बाहर किया और मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने फायर ऑफिसर रामेश्वर नील के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए गैस कैप्सूल पर 5 टैंकरों के माध्यम से पानी की बौछार कर गैस के रिसाव को नियंत्रित किया। इस बीच आईओसीएल के इंजीनियर्स ने भी पहुंचकर गैस लीक पर काबू पाया। इसके बाद करीब 2.10 बजे इस वैगन को बकानिया के लिए रवाना किया गया।
...तो श्रमिक स्पेशल ट्रेन के 1200 यात्रियों में मच जाती भगदड़
जिस वक्त यह घटना हुई उस दौरान तेलंगाना के बीवीनगर रेलवे स्टेशन से 1200 श्रमिकों को ग्वालियर स्टेशन ले जा रही एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर—1 पर आने वाली थी। जहां श्रमिकों को खाना दिया जाना था लेकिन किन्हीं कारणवश यह ट्रेन निर्धारित समय से करीब 5 घंटे की देरी से पहुंची। ऐसे में स्टेशन पर एक बड़ा हादसा भी होने से टल गया।
इसी टैंकर से खंडवा में भी लीक हुई थी एलपीजी
जानकारी के मुताबिक इससे पहले शुक्रवार को भी खंडवा रेलवे स्टेशन पर इसी ट्रेन के इसी टैंकर से गैस रिसाव हुआ था, जिसे समय रहते दुरुस्त कर लिया गया था। बकानिया एलपीजी डिपो जा रहे इस वैगन के सभी 32 टैंकरों में एलपीजी गैस भरी हुई थी, प्रत्येक टैंकर की क्षमता 37.8 टन बताई जा रही है।