राजस्थान से रोज आ रहे 275 से ज्यादा वाहनों में 1200 से 1400 तक पशुओं पर रोक न होने से बढ़ रहा खतरा, पशु चिकित्सा विभाग भी टेंशन में...।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लंपी वायरस के 32 केस मिलने के बाद अब यह अन्य जिलों में भी फैलता जा रहा है। ताजा मामला गुना जिले से आया है, यहां 20 पशुओं में लंपी वायरस की पुष्टि हुई है। इस वायरस से पशुओं को बचाने के लिए सरकार अब राजस्थान बार्डर से लगे 11 मार्गों पर प्रतिबंध लगा सकती है। क्योंकि इन मार्गों से हर दिन बड़ी संख्या में पशुओं को ले जाया जा रहा है।
गुना जिले में लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ रहा है। गुना शहर सहित जिले में 20 पशुओं में लंपी संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। पड़ोसी राज्य राजस्थान से आ रहे पशुओं और उनसे भरे वाहनों को रोकना तो दूर चौकसी तक नहीं की जा रही है। जबकि सबसे ज्यादा खतरा वहीं से आ रहे मवेशियों से है।
हर दिन 1400 पशु एमपी आ रहे
राजस्थान से गुना सहित मप्र के कई शहरों, कस्बों में होने वाली पशु मंडियों में ले जाए जाने वाले पशुओं से भरे वाहन प्रत्येक मार्ग से करीब 23 से 27 तक वाहन निकल रहे हैं। इनमें प्रतिदिन करीब 250 से लेकर 275 तक वाहन राजस्थान से गुना जिला के 11 रास्तों से होकर मप्र में प्रवेश कर रहे हैं। इनमें से प्रत्येक वाहन में औसत 4 से 6 तक मवेशी या पशु भरे होते हैं। इस लिहाज से रोजाना अनुमानित 1200 से 1400 तक पशु राजस्थान से गुना सहित मप्र में प्रवेश कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी तेजी से फैल रहे लंपी संक्रमण के खतरे के बीच भी जिम्मेदारों द्वारा राजस्थान की ओर से जिले में प्रवेश कर रहे पशुओं पर रोक लगाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में संक्रमण के और तेजी से पैर पसारने का खतरा है।
यहां मिले संक्रमित मवेशी
जिले के मधुसूदनगढ़, चांचौड़ा ब्लॉक और कुंभराज व राघौगढ़ ब्लॉक के गांवों में मवेशियों में लंपी वायरस के लक्षण दिखाई दिए हैं। जांच कराने पर इनमें से 20 पशुओं में संक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है। हालांकि विभाग द्वारा जिले में 35 हजार से ज्यादा मवेशियों को एलएसडी वैक्सीन लगाने दावा किया जा है। इसके पहले चरण में जिले की गोशालाओं में 8 से 10 हजार गोवंश को टीके लगाने का काम पूरा होने की बात कही है।
बार्डर सील करने की तैयारी
लंपी संक्रमित पशुओं को जिले में आने से रोकने के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने कलेक्टर को प्रस्ताव भेजा है। इसके लिए राजस्थान बॉर्डर से लगे 11 प्रमुख मार्गों पर पड़ोसी राद्यय राजस्थान से आने वाले मवेशियों व पशुओं से भरे वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर को भेजा है।
इन रास्तों से खतरा
रुठियाई : धरनावदा वाया मोतीपुरा छबड़ा राजस्थान राजमार्ग। - ईसागढ़, आरोन वाया राघौगढ़- विजयपुर लक्ष्मणपुरा मोतीपुरा छबड़ा राजस्थान राजमार्ग।
चांचौड़ा : मनोहरथाना राजस्थान मार्ग। - कुंभराज- मृगवास से गोमुख होकर लोधीपुरा झालावाड़ मार्ग।
मृगवास: बटावदा से उमरैया फतेहपुर होकर झालावाड़ राजस्थान मार्ग। -कुंभराज- सानई- बांसाहेड़ा सैजनपुर झालावाड़ राजस्थान मार्ग।
गुना: फतेहगढ़ स्टेट हाईवे से हमीरपुर छबड़ा गुगौर राजस्थान मार्ग।
गुना: पाड़ौन गोरस महोदारा से सिमरानिया इलाहाबाद से जयपुर फोरलेन नेशनल हाईवे हाईवे।
अनारथ : नाहरगढ़, भंवरगढ़ राजस्थान पहुंच मार्ग। - भोटीपुरा से बिचीरामपुर राजस्थान मार्ग।
सलैया राय से समरानिया राजस्थान पहुंच मार्ग।
8 से 10 हजार पशुओं का टीकाकरण कर चुके
जिले में टीकाकरण किया जा रहा है। अभी तक हम 8 से 10 हजार पशुओं का टीकाकरण करा चुके हैं। संक्रमित पशु आने से रोकने के लिए हमने बॉर्डर सील करने कलेक्टर को प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
डॉ. आरके त्यागी, उप संचालक पशुचिकित्सा गुना