
भोपाल। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कमजोर पड़े सिस्टम ने मानसून को कमजोर बना दिया है। इससे मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में जाने वाला मानसून अटक गया है। तय समय तक नहीं आने से मौसम विभाग भी चिंतित हैं, वहीं किसानों के चेहरे भी मुरझाए हुए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि मानसून को अनुकूल मौसम नहीं मिलने से यह बंगाल की खाड़ी में ठंडा पड़ गया है। इससे पहले ही मानसून अरब सागर में ही कमजोर पड़ गया था। मध्यप्रदेश और निमाड़ क्षेत्र में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की तरफ से मानसून आता है। लेकिन मानसून आने लायक स्थित अब तक नहीं बन पाई है।
तापमान घटा, लेकिन उमस जारी
मध्यप्रदेश में तापमान घटने के साथ ही फिर बढ़ने लगा है। पूरे प्रदेश में पिछले सप्ताह तापमान 38 डिग्री से नीचे आ गया था, अब कुछ जिलों का तापमान 43 डिग्री पर पहुंच गया है। इसके साथ उमस के कारण लोग बेहाल हैं।
बौछारों की उम्मीद
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुछ इलाकों का तापमान शुष्क बना हुआ है, जबकि कई इलाकों में बादल छा गए हैं। जो आने वाले 24 घंटों में बरस सकते हैं। कई इलाकों में बौछारों की उम्मीद जताई गई है। शुक्रवार सुबह से ही भोपाल में मौसम साफ है, लेकिन हवाओं के चलने से गर्मी का असर कम है।
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने के कारण राज्य में नमी कम हो गई है। इससे जोरदार बारिश नहीं हो पा रही है।
यहां होगी बारिश
इसके अलावा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान रीवा, शहडोल संभागों के अलावा बालाघाट, मंडला और कटनी जिले में पानी की आंशिक बौछारें पड़ सकती है। इसके अलावा गरज चमक के साथ भी बारिश हो सकती है।
कई जगह तापमान में आई कमी,कई जगह बढ़ी गर्मी
प्रदेश में तेज हवाओं और बादल छा जाने से कई स्थानों पर तापमान में थोड़ी कमी महसूस की गई है। वहीं खजुराहो में पारा बढ़कर फिर 43 डिग्री पर पहुंच गया है।
यहां है न्यूनतम तापमान
भोपाल 27 डिग्री सेल्सियस
इंदौर 24.7 डिग्री
ग्वालियर का 30.6 डिग्री
जबलपुर 28.6
तीन चार दिन बारिश के आसार कम
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि जिन क्षेत्रों में हवा का रुख तेज है वहां तीन चार दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 17 जून तक बारिश होने की संभावना नहीं है। क्योंकि हवा लगातार पश्चिम की ओर से चल रही है। इन दिनों हवा की रफ्तार 19 से 25 किमी प्रति घंटे रहेगी।
प्री मानसून में हुई अधिक बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार प्री मानसून में पिछले साल के मुकाबले अधिक बारिश रिकार्ड की गई है। इसके साथ ही दिन का तापमान भी पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा गरम है।