अकेले राजधानी भोपाल में ही प्रदेश सरकार के आंकड़ों से कई गुना ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं. कोरोना से मौतों deaths from corona के ये आंकड़े दिल दहला रहे हैं.
भोपाल. क्या मध्यप्रदेश में कोरोना से हुई मौतों deaths from corona की संख्या वाकई में बहुत कम बताई जा रही है? कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच सामने आए कुछ आंकड़े विपक्ष के इन आरोपों को साबित करते लगते हैं. आरटीआई से प्राप्त इन आंकड़ों के अनुसार कोरोना काल में अकेले राजधानी भोपाल में ही प्रदेश सरकार के आंकड़ों से कई गुना ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं. मौतों के ये आंकड़े दिल दहला रहे हैं.
वास्तविकता यह है कि कोविड 19 Covid 19 के बाद मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ही 13 हजार अतिरिक्त मौतें हुई हैं. कोरोना की दूसरी लहर के साए में गुजरे सन 2021 में ही 10298 मौतें हुईं. खास बात यह है कि इन 10298 मौतों में से भी 6652 मौतें महज दो माह में हुईं. मई और जून माह में जब शहरभर के अस्पताल मरीजों से भरे पड़े थे तब शहर में साढे छह हजार से ज्यादा लोगों की सांसे उखड़ चुकी थीं.
अधिकारिक रूप से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सन 2021 के पहले सात माहों में शहर में 16318 मौतें दर्ज हुई. ये सन 2015 के बाद से किसी भी केलेंडर वर्ष में हुई सर्वाधिक मौतें हैं. कोविड 19 Covid 19 के मार्च 2020 से जुलाई 2021 के संक्रमण काल में नगर निगम भोपाल में 13122 मौतें दर्ज की गईं. ये कोरोना वायरस corona virus से हुई मौतों के सरकारी आंकडों से 13 गुनी हैं.
सरकारी आंकडों के अनुसार इस अवधि में महज 995 लोगों की मौत हुई हैं. इसका सीधा सा मतलब यह है कि कोविड 19 Covid 19 या अन्य कारणों से 12127 मौतें हुई हैं. गौरतलब है कि महामारी के पहले शहर में मौतों का औसत 10633 था. आरटीआई से जुटाई गई जानकारी और तथ्यों से यह स्पष्ट है कि शहर में जुलाई 2021 तक ही 53 प्रतिशत ज्यादा मौतें हो चुकी थीं.