भोपाल

जिस वजह से रद्द हुआ मीनाक्षी नटराजन का नामांकन, कोर्ट ने लौटा दी वह याचिका, अब क्या करेगी एमपी कांग्रेस?

Meenakshi Natrajan Controversy: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन विवाद में नया मोड़, तेलंगाना कोर्ट में लगी याचिका लौटाई, नहीं हुई सुनवाई, अब एमपी कांग्रेस फिर भी हताश... जानें क्या होगा अगला कदम?

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Jun 13, 2026
MP Congress on Meenakshi Natrajan Controversy
MP Congress on Meenakshi Natrajan Controversy: मामले पर एमपी कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष बोले- पार्टी किससे करे उम्मीद। (फोटो सोर्स: मुकेश नायक FB)

Meenakshi Natrajan Controversy Twist: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा चुनाव का नामांकन रद्द होने के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। जिस तेलंगाना कोर्ट में मामला लंबित होने की जानकारी न देने का हवाला देकर उनका पर्चा खारिज किया गया। उसी मामले की याचिका तेलंगाना कोर्ट ने उस पर सुनवाई से इनकार करते हुए उसे लौटा दिया है। मामले में अब सवाल ये है कि अब कांग्रेस की आगे की रणनीति क्या हो सकती है?

स्थानीय अदालत ने लौटाई याचिका

बता दें कि तेलंगाना स्थानीय अदालत ने यह निर्णय ए. श्रीलता नामक महिला की ओर दायर की गई याचिका पर दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों की सुनवाई नामित विशेष अदालत में होती है, इसलिए याचिकाकर्ता को इस मामले को लेकर विशेष अदालत में जाना चाहिए। यह कहते हुए कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

यह याचिका बनी मीनाक्षी नटराजन के रास्ते का रोड़ा

बताते चलें कि ए. श्रीलता ने कांग्रेस नेता कुंभम शिवा कुमार रेड्डी पर शारीरिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। इस याचिका में मीनाक्षी नटराजन और तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ को भी प्रतिवादी बनाया गया था।

रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा था फॉर्म 26 में नहीं दी जानकारी

मामले में राज्यसभा चुनाव रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नामांकन पत्रों की जांच की थी। उन्होंने कहा था कि नटराजन ने अपने नामांकन के साथ जमा फॉर्म 26 में एक अदालत में उनके खिलाफ लंबित शिकायत की जानकारी नहीं दी। ऐसे में उनका यह हलफनामा अधूरा माना गया और उसे रद्द कर दिया गया। रिटर्निंग ऑफिसर को मामला छिपाने की यह जानकारी भाजपा उम्मीद्वार महेश केवट ने दी थी। जिसके बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया था।

बता दें कि इसके बाद ही बीजेपी उम्मीद्वार निर्विरोध चुनाव जीत गए। जबकि नामांकन रद्द के मामले को लेकर कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हालांकि शीर्ष कोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट जाने की स्वतंत्रता दी है।

कहीं नहीं हो रही सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने की इजाजत दी है। लेकिन देखिए कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। अब ऐसे में क्या कदम उठाए जाएं। बात तो टाइमिंग की थी।

-मुकेश नायक, अध्यक्ष, मीडिया विभाग, एमपी कांग्रेस

Updated on:
13 Jun 2026 11:53 am
Published on:
13 Jun 2026 11:43 am