इनोवेशन में दिख रही सुनहरे भविष्य की झलक, स्टार्टअप्स के लिए मिलेंगे 50 लाख

कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में एक्जीबिशन सेंटर बनाए जाने की घोषणा की। 
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Updated: 2 Oct 2016, 6:43 AM IST
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भोपाल। प्रदेश की ही प्रतिभाओं ने शनिवार को अनोखे इनोवेशन्स पेश किए। होटल आमेर मजेस्टिक में शुरू हुए दो दिवसीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सम्मेलन- 2016 में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए इंटरप्रेन्योर्स ने प्रदर्शनी में स्टॉल लगाए। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में एक्जीबिशन सेंटर बनाए जाने की घोषणा की। इनमें गोविन्दपुरा द्यभोपाल, रिछाई जबलपुर, पोलो ग्राउण्ड इंदौर, मेला ग्राउण्ड ग्वालियर एवं सतना शामिल हैं। ग्वालियर में 15 करोड़ रुपए की लागत से टेक्सटाइल इंक्यूबेशन सेण्टर की स्थापना की जाएगी।

लाइमरोड डॉट कॉम
लघु उद्योग निगम और लाइमरोड डॉट कॉम के बीच एमओयू साइन हुआ। लाइमरोड डॉट कॉम की फाउंडर व सीईओ सुचि मुखर्जी ने बताया कि फैशन और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट का सिर्फ एक प्रतिशत ही ऑनलाइन है। जरूरत है ऐसी जगह की, जहां इन प्रोडक्ट्स को देख सकें।



एमपी के पास अच्छा फैब्रिक है लेकिन जरूरत है इसे मॉर्डन डिजायन, प्राइज और हाईक्वालिटी बनाने की। सुचि ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी, यूके से इकोनॉमिक्स में बीए करने के बाद कैंब्रिज कॉमनवेल्थ स्कॉलर के रूप में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स इन फाइनेंस एंड इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल की है। ईबे, वर्जिन मीडिया और स्काइप में काम कर करने के बाद सुचि वापस इंडिया लौट आईं और वर्ष 2012 मेंफैशन पोर्टल लाइमरोड डॉट कॉम की शुरुआत की। जहां 3 मिलियन स्टाइल स्टेटमेंट्स मौजूद हैं।

स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने 50 लाख अनुदान
स्टार्ट अप और नवाचार संस्कृति विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा प्लग एंड प्ले के साथ इंक्यूबेशन सुविधा, प्रोत्साहन और अनुदान प्रदान करने के लिए अलग से नीति बनायी गई है। इंक्यूबेटरों की स्थापना के लिए 50 लाख तक अनुदान दिया जाएगा।स्टार्ट अप प्रतियोगिता आयोजित करने के लिये वित्तीय मदद, इंक्यूबेटरों को आवर्ती खर्च के लिए संचालन सहायता, स्टाम्प शुल्क और फीस में छूट के लिए वित्तीय मदद दी जाएगी।



खत्म होगा प्रदूषण
मंडला जिले के मनेरी इंडस्ट्रियल एरिया में इंडस्ट्रीज की शुरुआत करने वाले अभिषेक डेविड ने पॉलीथीन से होने वाले प्रदूषण का समाधान करने के लिए बॉयो-डीग्रेडेबल बैग्स बनाने शुरू किए। बॉयो-डीग्रेडेबल सर्जिकल ड्रेस भी बनाते हैं। पॉलीथीन को पूर्णत बैन करके इस तरह के प्रोडक्ट को प्रमोट करने की आवश्यकता है। वहीं अगर इस तरह के कैरी बैग्स पर विज्ञापन भी प्रिंट हों तो ग्राहकों के लिए इसकी कॉस्ट भी कम हो जाएगी।

विकलांगों को राहत
भोपाल से इंजीनियरिंग करने के बाद संदीप अरक्का ने इनोवेटिक इंजीनियरिंग नाम का स्टार्टअप किया। दिव्यांगों के लिए टू व्हीलर को मॉडिफाइड कर आगे का एक व्हील हटा दो व्हील लगाए। दिव्यांगों के लिए गाड़ी कंफर्टेबल हो गई। वहीं इसका लुक एेसा हो गया कि सामान्य व्यक्ति भी इस गाड़ी को चलाना चाहेगा। इस मॉडिफिकेशन में महज 14 हजार रुपए खर्च होते हैं।



स्मार्ट व्हील चेयर
पीथमपुर से आए पिनेकल इंस्टड्रीज ने भी दिव्यांगों के कंफर्ट को ध्यान में रखकर व्हील चेयर बनाई। कंपनी के सेल्स व न्यू बिजनेस डेवलपमेंट हेड वैभव गहलोत ने बताया कि व्हील चेयर को चलाना काफी सुरक्षित व आसान होगा साथ ही व्हील चेयर में हैंड ऑपरेटेड लीवर भी दिए गए हैं जिसको पुश करके हाथों से व्हील चेयर को चलाया जा सकता है। उबड़-खाबड़ जगह पर व्हील चेयर को पुश करके आसानी से जंप भी कराया जा सकता है।
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