भोपाल

एमपी में किसानों की कर्ज माफी पर अभी निर्णय नहीं, मंत्री का बड़ा बयान

Kisan- मंत्री राजपूत ने कहा— गेहूं खरीदी और कर्ज माफी पर निर्णय नहीं, केंद्र संवेदनशील

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Apr 04, 2026
एमपी में गेहूं खरीदी और कर्ज माफी पर निर्णय नहीं (Patrika File Photo)

Kisan- मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में विलंब को लेकर सूबे की सियासत गरमा रही है। प्रदेश में बारदानों की कमी के कारण गेहूं की सरकारी खरीदी की तारीखें आगे बढ़ाई जा रहीं हैं जिससे किसान आक्रोशित हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी चालू नहीं होने से उनकी माली हालत खराब है। इधर सहकारी बैंकों का कर्ज भी जमा करना है। ऐसे में किसानों को बाजार में औने पौने दामों में गेहूं बेचना पड़ रहा है। इससे जबर्दस्त नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने किसानों में हित में राज्य में तुरंत गेहूं खरीदी शुरु करने और कर्ज व ब्याज माफी की मांग की है। बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने भी यह मांग की है। हालांकि अभी सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया है। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट कहा कि गेहूं खरीदी और कर्ज माफी पर अभी निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र से बारदानों की 50 हजार गठानें और एचडीपी-पीपी बैग को मंजूरी दी गई है।

प्रदेश में गेहूं खरीदी में देरी से किसानों की नाराजगी के बीच राज्य सरकार ने केंद्र को संवेदनशील बताते हुए कहा कि केंद्र ने मध्यप्रदेश को बारदानों की 50 हजार गठानें दी हैं। साथ ही खरीदी के लिए एचडीपी, पीपी बैग की भी मंजूरी मिली। वहीं एक बार उपयोग होने वाले बारदानों का भी उपयोग होगा।

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खाद्य आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा केंद्र ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मार्च-अप्रेल तथा मई-जून का खाद्यान्न एक साथ बांटने को कहा है। ऐसा करने से मप्र के पास करीब 10 लाख मीट्रिक टन से अधिक अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध होगी। हालांकि मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक गेहूं खरीदी में विलंब और कर्ज की राशि जमा करने की अवधि बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं हो सका।

युद्ध के कारण आई कठिनाई:

मंत्री राजपूत मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, युद्ध से एलपीजी गैस, पेट्रोलियम व बारदानों की कमी का समाधान कर लिया है। केंद्र ने मप्र को 50 हजार जूट की गठानों का अतिरिक्त आवंटन किया है। इसके अलावा एचडीपी-पीपी बैग भी खरीदे जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि मप्र के पास 400 मीट्रिक टन कवर्ड भंडारण की क्षमता है, जो देश में सर्वाधिक है।

बता दें, प्रदेश में पहले 1 फरवरी से गेहूं खरीदी होनी थी, जिसे बढ़ाकर अब 10 अप्रेल किया है। खरीदी की ये तारीखें भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर व उज्जैन संभाग के जिलों की है। बाकी संभागों में इसके बाद खरीदी चालू होगी।

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Published on:
04 Apr 2026 09:55 am
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