मंत्रीजी अपने कैबिन से निकलकर गांव में पहुंचे तो पता चला कि विकास की तस्वीर वैसी नहीं है, जैसी अफसर उन्हें दिखाते रहे हैं। तालाब-बावड़ी सूखे पड़े हैं, बर्बाद फसलों का मुआवजा मिला नहीं और बिजली कंपनी बेतहाशा बिल वसूल रही है। किसानों ने सरकार के पुराने वादे याद दिलाए तो बगलें झांकने पर मजबूर हो गए। पहले आश्वासन का सहारा लिया फिर अफसरों पर बरस पड़े।
ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के तहत मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अगली कैबिनेट बैठक 27 अप्रैल को है। इसमें मंत्रियों को अपने दौरों की रिपोर्ट रखना है। अधिकतर मंत्रियों को पेयजल की समस्या से परेशान लोगों का सामना करना पड़ रहा है। बुंदेलखंड, मालवा-निमाड़ और विंध्य में सबसे अधिक जल संकट की समस्या है। ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर भी शिकायतें मिल रही है। कुछ मंत्री अफसरों से पूरी जानकारी के बाद जनसुनवाई की तरह ग्रामीणों से फीडबैक ले रहे हैं।
राजस्व मंत्री रामपाल सिंह ने गत दिवस नरसिंहपुर का दौरा किया। किसानों से समस्याएं जानी तो पता चला कि सबसे बड़ी दिक्कत पेयजल की है। सिंचाई को लेकर भी शिकायतेंं मिलीं। लोगों ने कहा, जितना नुकसान हुआ है, उससे बहुत कम मुआवजा मिल रहा है। सिंह से सड़क नहीं होने को लेकर भी शिकायतें की गई।
बिसेन को सुनाई फसल चौपट होने की कहानी
कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन अपने प्रभार वाले जिलों में पहुंचे तो ग्रामीणों ने बताया, फसल चौपट हो गई है। तालाब और हैंडपम्प सूखे पड़े हैं। कृषि पंपों पर बेहिसाब बिजली बिल आ रहे हैं। सरकार ने बिजली बिल वसूली स्थगित करने की घोषणा की है फिर भी कंपनी वसूली कर रही है।
भार्गव ने जाना नल-जल का हाल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव को भी कर्ज वसूली स्थगित करने के बावजूद होने की शिकायतें मिली। पंचायत स्तर पर नल-जल योजना को लेकर बेहद खराब फीडबैक मिला। राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य अपने प्रभार क्षेत्र मुरैना में पहुंचे तो वहां पानी का संकट ही सबसे ज्यादा पाया। मंत्रियों ने अपने दौरों की रिपोर्ट तैयार की है। इसे अब सूचीबद्ध करके सीएम के सामने रखा जाएगा।
मंत्रियों के अलावा आईएएस व राप्रसे के अफसरों की भी ग्राम उदय के दौरे में ड्यूटी लगी है। करीब छह दर्जन आईएएस अफसर मैदान में ग्राम उदय के लिए उतरेंगे। इन अफसरों की रिपोर्ट भी ग्राम उदय अभियान के क्रियान्वन में असरदार रहेगी। इस पूरे अभियान की राज्य स्तर से लेकर गांव स्तर तक मानीटरिंग हो रही है।