ओबीसी को 27, सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के साथ 60 हजार पदों पर भर्ती और कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने की तैयारी
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 29 सीटों पर विजय पताका लहराने के लिए अपना पिटारा खोलना शुरु कर दिया है।
इसकी शुरुआत बुधवार को सागर में आरक्षण पर बड़ा ऐलान करते हुए की। कमलनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में ओबीसी को 14 की जगह 27 और सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा।
उन्होंने भोपाल लौटते ही बैकलॉग के रिक्त 20 हजार पद सहित अन्य रिक्त 60 हजार पदों पर भर्ती करने और कर्मचारियों को 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते देने के आदेश जारी किए।
इसके साथ पंचायत कर्मियों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ता भी दिया जाएगा। चुनाव के ऐन वक्त पहले युवाओं और कर्मचारियों को तोहफे देकर वोट बैंक पक्का करने की तैयारी है।
इसके पहले कमलनाथ किसान कर्ज माफी कर विधानसभा जीत कर सत्ता में आए हैं।
इसे ध्यान में रखते हुए मंगलवार को कैबिनेट में किसानों को गेहूं, मक्का और सोयाबीन पर समर्थन मूल्य देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए निर्धारित प्रति मानक बोरा दर 2 हजार से बढ़ाकर 2500 रुपए करने का भी निर्णय लेकर प्रदेश के लगभग 35 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के वोट बैंक में सेंध मारी है।
यह कार्य विशेषकर अनुसूचित-जनजाति के लोग करते हैं।
मुख्यमंत्री कमलनाथ खजाने की स्थिति देखते हुए केवल उन्हीं बड़ी योजनाओं को मंजूरी दे रहे हैं, जिससे चुनाव जीता जा सकता है।
उनका फोकस किसान, युवा और सरकारी कर्मचारियों पर है। विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को शासकीय सेवाओं में शामिल होने का अब तक का सबसे बड़ा अवसर प्राप्त होगा।
इसी तरह श्रमिकों को लुभाने के लिए कमलनाथ ने अपने गृह जिले छिंदवाड़ा सहित छह जिलों में सरकार छह नए श्रमोदय विद्यालय खोलने का ऐलान किया।
रीवा, शहडोल, छतरपुर, गुना, छिन्दवाड़ा और रतलाम में खोले जाएंगे। इनकी स्थापना के लिए प्रत्येक विद्यालय पर पचास करोड़ खर्च होंगे। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में पहले से श्रमोदय विद्यालय निर्माणाधीन हैं।