
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार (12 अक्टूबर 2026) को सीएम हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की विशेष बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर मनाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान को लेकर ये बैठक हुई। इसमें पीएम नरेन्द्र मोदी के द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों और उपलब्धियों को लेकर चर्चा हुई और एक संकल्प पारित किया गया। बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि दो दिन बाद प्रदेश में डीपीसी की बैठक होगी।
बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने मीडिया ब्रीफिंग कर पीएम नरेन्द्र मोदी की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो जितनी बार विधायक का चुनाव लड़े और उतनी बार मुख्यमंत्री बने। इसी तरह नरेन्द्र मोदी ने जितनी बार सांसद का चुनाव लड़ा, सांसद बने और उतनी ही बार प्रधानमंत्री बने। सीएम ने बताया कि पहले भाजपा के लिए कहा जाता था कि भाजपा देश में अपने दम पर कभी सरकार नहीं बना सकती। लेकिन साल 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी। इससे पहले इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए चुनाव में देश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी।
सीएम मोहन यादव ने बताया कि पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। महाकाल के महालोक में स्मार्ट सिटी का पैसा आया, जिससे बड़ा बदलाव आया। पहले हमारे यहां 60-70 लाखलोग आते थे, पिछली बार 13 करोड़ लोग आए और अबकी बार 20 करोड़ लोग आने की संभावना है। बड़े पैमाने पर धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से चमत्कार हुआ है। यह बदलाव दर्शाता है कि विकास, बेहतर सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के समन्वय से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना और तापी बेसिन से जुड़ी परियोजना जैसी महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। वहीं, प्रदेश का नक्सलमुक्त होना भी एक बड़ी उपलब्धि है। कभी बालाघाट जिले के सूपखार और आसपास के वन क्षेत्रों में जाना जोखिम भरा माना जाता था, लेकिन अब नक्सलवाद से मुक्ति के बाद इन क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल हुआ है। वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश आज 'चीता स्टेट' के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है।