
भोपालः मध्य प्रदेश में साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने होने हैं। इसे लेकर जहां एक तरफ सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जी जीन से जुटे हुए हैं। वहीं, चुनाव आयोग भी मतदान को लेकर तैयारियां मज़बूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। इसी के तहत चुनाव आयोग ने चुनाव में ड्यूटी लगने वाले अफसरों की बीते अगस्त में लिखित परीक्षा ली थी, जिसमें कुल 561 अफसर शामिल हुए थे। इसमें भी कुछ अव्यवस्थाएं तो सामने आई थीं, कुछ आरोप प्रत्यारोप भी लगे थे। लेकिन उन सभी को तो एक हद तक नज़रअंदाज़ भी किया जा सकता है, लेकिन हैरानी तो तब हुई जब इस परीक्षा के परिणाम सामने आए।
50 फीसदी अफसर फेल
जैसा कि, हमने आपको बताया कि, परीक्षा में 561 अफसर शामिल हुए थे। लेकिन इसके परिणाम जब आए तो सामने आया कि, उसमें सिर्फ 238 अफसर ही पास हो सके हैं, जबकि बाकी बचे 323 अफसर परीक्षा में फेल हो गए। बता दें कि, गुज़रे 18 अगस्त को चुनाव आयोग द्वारा भोपाल समेत प्रदेश के पांच केंद्रों में यह परीक्षा कराई गई थी। इस परीक्षा में आईएएस, राज्य प्रशासनिक सेवा और राजस्व विभाग के अधिकारियों समेत कुल 561 अफसर शामिल हुए थे।
दौबारा होगी अफसरों की परीक्षा
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी व्ही.एल. कांताराव ने इस बात की पुष्टी करते हुए कहा कि, यह बात सामने आई है कि, चुनाव आयोग द्वारा कराई गई अधिकारियों की परीक्षा में बड़ी संख्या में अफसर फेल हुए हैं। चुनाव के दौरान इसका विकल्प पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि, इसका विकल्प यह है कि, फेल अफसरों की ही एक बार फिर परीक्षा कराई जाएगी। इसके लिए अफसरों को एक बार फिर परीक्षा की तैयारी करने के निर्देश जारी होंगे। इस परीक्षा में पास होने वाले अफसरों को ही चुनाव के दौरान मतदान से जुड़े प्रभार सौंपे जाएंगे।
परीक्षा में पूछे घए थे ऐसे सवाल
बता दें कि, चुनाव आयोग द्वारा ली गई अफसरों की परीक्षा में चुनाव प्रक्रिया के दौरान होने वाली गतिविधियों से जुड़े सवाल पूछे गए थे। जैसे, किन हालातों में नामांकन पत्र निरस्त हो जाता है, वीवीपैट में कैसे पता करेंगे कि जिसे वोट डाला उस को मिला या नहीं या फिर चुनाव के दौरान उम्मीदवार के वाहनों को अनुमति देने जैसे बेहद ही बुनियादी सवाल परीक्षा में पूछे गए थे।