
MP Congress Strategy- मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में कांग्रेस प्रमुख रूप से किसानों से संबंधित समस्याएं, सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वार्षिक जॉब कैलेंडर जारी करने की मांग, युवाओं के रोजगार एवं भर्ती परीक्षाओं में व्यापक सिस्टम सुधार, मुख्यमंत्री एवं उनके परिवार से जुड़े भूमि घोटाले का मामला, और यूसीसी के मुद्दे उठाएगी। इसके साथ आदिवासियों एवं दलितों के अधिकारों से जुड़े विषय, महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार एवं प्रदेश में सामने आ रहे घोटाले, भ्रष्टाचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी सदन में उठाए जाएंगे। इन मुद्दों को उठाने की रणनीति बनाने के लिए 19 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है।
नेता प्रतिपक्ष के अनुसार बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सदन में उठाए जाने वाले प्रमुख जनहित के विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी। उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल जनता की आवाज को पूरी मजबूती के साथ विधानसभा में उठाएगा। प्रदेश में बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, केन-बेतवा सहित आदिवासियों और दलितों के अधिकारों पर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेकर सीएम द्वारा अपने पास रखने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जनता यह जानना चाहती है कि क्या विभाग बदलने से व्यवस्था भी बदलेगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि जिन विभागों की जिम्मेदारी सीधे सीएम के पास है, वे जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। ऐसे में अब पशुपालन विभाग भी अपने पास रखने के बाद सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि जिस भाजपा ने वर्षों तक गाय को अपनी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक बनाया, उसी के शासन में मध्य प्रदेश का गोवंश सबसे अधिक उपेक्षित है। प्रदेश की गौशालाओं में चारे, पानी, उपचार और संसाधनों की कमी लगातार सामने आती रही है।