MP Congress- पीसीसी में 15 से 18 अप्रेल तक होगी समीक्षा, युकां के बाद अब जिलाध्यक्षों के काम का रिव्यू
MP Congress- मध्यप्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर अपनी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस हर जतन कर रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सहित प्रदेश के अधिकांश वरिष्ठ नेता जहां खुद सक्रिय हैं वहीं जिलास्तर पर भी आमजन के मुद्दों पर मुखर होने की अपेक्षा की जा रही है। कांग्रेस का प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व इस संबंध में सख्त हिदायत दे चुका है। अब जिलाध्यक्षों की सक्रियता और कामकाज को परखा भी जा रहा है। इसके लिए कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी खुद समीक्षा करेंगे। ऐसे में अनेक निष्क्रिय जिलाध्यक्षों पर तलवार लटक गई है, उनके पद छिन सकते हैं। इधर इंदौर में वंदे मातरम गायन विवाद में पार्टी को चुनौती देनेवाली कांग्रेस पार्षद की बर्खास्तगी पर संशय उत्पन्न हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस संगठन सृजन के तहत अभी तक के कार्यों के परिणामों की समीक्षा करेगी
भोपाल में प्रदेश कांग्रेस संगठन सृजन के तहत अभी तक के कार्यों के परिणामों की समीक्षा करेगी। युवक कांग्रेस के बाद अब कांग्रेस में भी कामों का रिव्यू किया जाएगा। नवनियुक्त 71 जिलाध्यक्षों के अभी तक के कामकाज की 15 से 18 अप्रेल तक गहन समीक्षा होगी। इसमें जिलाध्यक्षों के अभी तक कामों, क्षेत्र में सक्रियता पूछी जाएगी। कमजोर प्रदर्शन और निष्क्रिय जिलाध्यक्षों को हटाया भी जा सकता है।
बता दें, गुरुवार को युकां से प्रदेश में 38 पदों को निष्क्रियता में होल्ड किया गया था। अब कांग्रेस जिलाध्यक्षों की बारी है। जिलों में उनके प्रदर्शन व सक्रियता की टोह लेने की कवायद की जा रही है। प्रदेश के कांग्रेस जिलाध्यक्षों के अभी तक के कामकाज की समीक्षा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी संभागवार करेंगे। दिल्ली से वामसी रेड्डी के भी भोपाल आकर पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने की बात कही जा रही है।
पीसीसी कार्यालय में 17 अप्रेल को नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें उनकी जिम्मेदारियों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीति बताई जाएगी।
इधर इंदौर में वंदे मातरम गायन पर हुए विवाद में जहां एक ओर भाजपा कांग्रेस पर हमलावर है वहीं कांग्रेस के अंदरखाने कलह मची हुई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे द्वारा पार्षद रूबीना खान को बाहर करने पर भोपाल के बड़े नेताओं ने इनकार कर दिया है। पार्टी उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर सकती है। इधर, शहर अध्यक्ष चौकसे ने भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा से वंदे मातरम कराने की चुनौती दी है