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कभी भी ढह सकती हैं भोपाल की 200 से ज्यादा होटलें-बिल्डिंग्स, मेट्रो टनल के कंपन से बढ़ा खतरा

Bhopal Metro- होटल रेड सी प्लाजा, शालीमार का स्ट्रक्चरल टेस्ट जारी, नगर निगम ने बाकी जर्जर आवास मालिकों को भी नोटिस भेजे मेट्रो के रास्ते दो नहीं 200 जर्जर खतरनाक भवन, टीबीएम मशीन से होगा कंपन भोपाल.

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Bhopal's buildings at risk of collapse due to vibrations from Metro tunnels

Bhopal's buildings at risk of collapse due to vibrations from Metro tunnels (file photo:patrika)

Bhopal Metro- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की कई होटलें बिल्डिंग्स ढह सकती हैं। मेट्रो के टनल निर्माण के दौरान हो रहे जोरदार कंपन से इनपर खतरा बढ़ गया है। भोपाल रेलवे स्टेशन से करोंद तक मेट्रो के अंडरग्राउंड टनल के लिए जर्जर निर्माण चिन्ह्नित करने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। मेट्रो कंपनी, नगर निगम एवं मैनिट के इंजीनियर की टीम ने शुक्रवार को भी इलाके का निरीक्षण किया। यहां रेड सी प्लाजा, शालीमार होटल सहित 200 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं जिन्हें टनल बोरिंग मशीन से होने वाले वाइब्रेशन से खतरा पैदा हो सकता है।

नगर निगम एवं मैनिट के एक्सपर्ट इन इमारत का स्ट्रक्चरल टेस्ट कर रहे हैं जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी

मेट्रो कंपनी के प्रस्ताव पर नगर निगम एवं मैनिट के एक्सपर्ट इन इमारत का स्ट्रक्चरल टेस्ट कर रहे हैं जिसकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है। नगर निगम ने एहतियात के तौर पर पुराने शहर के 200 से ज्यादा जर्जर निर्माण को नोटिफाई कर सूचना पत्र जारी किया है।

आसपास के लोगों ने बताया कि निर्माण से हमें खतरा

अल्पना तिराहे से मेट्रो का अंडरग्राउंड कार्य (टनल खुदाई) शुरू हो गया है, जो 3.39 किमी ट्विन टनल बनाएगा। मेट्रो कंपनी के अनुसार, 30 मार्च से 'दुर्गावती' टनल बोरिंग मशीन 24-25 मीटर गहराई में खुदाई कर रही है। आसपास के लोगों ने बताया कि इस निर्माण से हमें खतरा महसूस हो रहा है। लोगों की डिमांड पर और मेट्रो कंपनी के प्रस्ताव पर इमारतों की जांच करवाई जा रही है।

अंतिम चेतावनी भी जारी

भवन स्वामियों को सूचना दी गई है कि टनल बोरिंग मशीन के माध्यम से पुराने शहर की जमीन से लगभग 80 फीट नीचे भारी कंपन के साथ निर्माण का काम शुरू किया जाना है। इस क्रियाकलाप के दौरान यदि निर्माण को किसी प्रकार की कोई क्षति होती है तो इसके लिए शासन जिम्मेदार नहीं होगा। नगर निगम एक्ट के अंतर्गत भवन स्वामियों को चेतावनी भी दी गई है कि बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद जर्जर निर्माण को हटाया नहीं गया है जिसके चलते यदि जनहानि होती है तो भवन स्वामी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

होटल रेडसी प्लाजा और शालीमार का स्ट्रक्चरल टेस्ट होने के बाद इसे खाली करने की तैयारी की जा रही

अधिकारियों के अनुसार मेट्रो के रास्ते में 200 जर्जर निर्माण हैं। होटल रेडसी प्लाजा और शालीमार का स्ट्रक्चरल टेस्ट होने के बाद इसे खाली करने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम ने बाकी जर्जर आवास मालिकों को नोटिस भेजे हैं।