
Engineering Education Possible in MP Without Mathematics- file photo
Engineering- मध्यप्रदेश में अब बिना मैथ्स के भी इंजीनियरिंग में प्रवेश मिल सकेगा। इससे गणित में कमजोर लेकिन तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक स्टूडेंट को खासी सुविधा होगी। प्रदेश के कॉलेजों में खाली पड़ी सीटों के कारण यह बड़ा फैसला लिया गया है। इंजीनियरिंग की 49 ब्रांच में बिना मैथ के प्रवेश मिलेगा लेकिन करीब डेढ़ दर्जन ब्रांच में गणित अनिवार्य बना रहेगा। प्रवेश प्रक्रिया अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की अप्रूवल हैंडबुक जारी होने के बाद शुरू होगी।
इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए जून अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत आगामी सत्र 2025-26 से छात्र- छात्राएं 49 इंजीनियरिंग ब्रांच में बिना मैथ के भी प्रवेश ले सकेंगे।
अब तक बीई और बीटेक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 12वीं में मैथ और कई मामलों में फिजिक्स अनिवार्य था, लेकिन अब नई नीति के अनुसार, कई ब्रांचों में मैथ की बाध्यता हटाई गई है। इससे ऐसे छात्रों को मौका मिलेगा जो टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं लेकिन मैथ में कमजोर हैं।
हालांकि इंजीनियरिंग की 18 ब्रांच में मैथ की अनिवार्यता लागू रहेगी। इनमें केमिकल इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, मेक्ट्रोनिक्स, पेट्रो केमिकल इंजीनियरिंग (पीसीई), कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग आदि ब्रांच शामिल हैं।
कॉलेज लेवल काउंसङ्क्षलग (सीएलसी) के तहत अब छात्रों को कॉलेज में उपस्थित होना होगा। फर्जी प्रवेश पर रोक लगाने 3डी फोटो क्लिक कराना होगा। उसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। तभी उनका प्रवेश वैध माना जाएगा।
मध्यप्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में खाली सीटों की वजह से सरकार ने यह फैसला लिया है। बता दें कि पिछले साल 304818 सीटों पर काउंसलिंग के बावजूद 167120 छात्रों ने ही प्रवेश लिया था। इस प्रकार कॉलेजों की करीब आधी सीटें खाली रह गईं थीं। इंजीनियरिंग कॉलेजों की खाली सीटें भरने के लिए यह बदलाव लागू किया गया है।
कॉलेजों में पढऩे वाले विशेष इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट विद्यार्थियों के लिए अलग से किताबें तैयार होंगी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने तकनीकी कॉलेजों को ऐसे छात्रों के लिए उनके कोर्स के तहत ब्रेल लिपि, डिजिटल मोड, ऑडियो और बड़े-बड़े अक्षरों में किताब तैयार करने के निर्देश दिए हैं। तकनीकी कॉलेजों को इसकी रिपोर्ट एआइसीटीई को भी देनी होगी।
Updated on:
11 Apr 2026 10:33 am
Published on:
11 Apr 2026 10:32 am
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