बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट से निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल भाजपा में शामिल हुए।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से ठीक पहले भाजपा की ताकत में इजाफा हुआ है। रविवार को बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट से निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने भाजपा का दामन थाम लिया है। भोपाल में प्रदीप जायसवाल ने भाजपा की सदस्यता ली। बता दें कि मध्यप्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने बीजेपी को समर्थन दिया था और शिवराज सरकार ने भी उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर खनिज विकास निगम का अध्यक्ष बनाया था।
सीएम शिवराज ने दिलाई सदस्यता
वारासिवनी से निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल रविवार रात को भाजपा में शामिल हो गए। भोपाल में सीएम हाउस में सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। प्रदीप जायसवाल करीब 10 बजे रात को सीएम हाउस पहुंचे थे जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ली।
प्रदीप जायसवाल का राजनीतिक जीवन
प्रदीप जायसवाल साल 1998 से 2013 तक तीन बार कांग्रेस से विधायक रहे हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने प्रदीप जायसवाल को टिकट नहीं दिया था जिसके कारण वो बगावत कर निर्दलीय मैदान में उतर गए थे। 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रदीप जायसवाल ने भाजपा के योगेन्द्र निर्मल को 4 हजार वोटों से चुनाव हराकर जीत हासिल की थी। 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी तो निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल ने कांग्रेस को अपना समर्थन दिया था। कांग्रेस ने उन्हें कैबिनेट मंत्री भी बनाया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद प्रदीप जायसवाल ने कांग्रेस से समर्थन वापस लेकर भाजपा को दे दिया था और भाजपा ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर खनिज विकास निगम का अध्यक्ष बनाया था।
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