MP Election Commission- चुनाव सम्पन्न होने के पश्चात ईवीएम की वापसी, परीक्षण एवं क्षति की स्थिति में प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया भी स्पष्ट रूप से तय की
EVM- एमपी के निर्वाचन आयोग ने ईवीएम से करोड़ों की कमाई का रास्ता निकाला है। ईवीएम को किराए पर देकर यह लाभ कमाया जा रहा है। इसके लिए मप्र राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के साथ एडीशनल एमओयू साइन किया। एमपी की ईवीएम से राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएंगे। मप्र राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि इस एडीशनल एमओयू के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कुल 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार बैलेट यूनिट किराए पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
मंगलवार को जयपुर में सचिवालय स्थित राज्य निर्वाचन आयोग में अतिरिक्त समझौता ज्ञापन (एडीशनल एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह एमओयू मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के बीच ईवीएम उपलब्धता एवं उपयोग से संबंधित पूर्व में किए गए समझौते का विस्तार है।
एमपी की ईवीएम का उपयोग राजस्थान में नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में किया जाएगा। ईवीएम की आपूर्ति, उपयोग, रख-रखाव, सुरक्षा एवं वापसी से संबंधित सभी शर्तें भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएंगी। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त राजेश्वर सिंह ने मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान ईवीएम की सुरक्षा, परिवहन, भंडारण एवं संचालन की जिम्मेदारी संबंधित प्रोटोकॉल के तहत सुनिश्चित की जाएगी।
करार के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग को 30 हजार कंट्रोल यूनिट और 60 हजार वैलट यूनिट 4 माह के लिए किराए पर दी जाएंगी। इसके लिए राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को करीब 3 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मप्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व में भी छत्तीसगढ़, जम्मू कश्मीर, सिक्किम और महाराष्ट्र को किराए पर ईवीएम दी जा चुकी हैं।