सभी प्रमुख नदियों सिंध, चंबल, पार्वती, कूनो और क्वारी आदि में अब पानी खतरे के निशान से बहुत नीचे
भोपाल. मध्यप्रदेश में अधिकांश नदियां अब उतार पर हैं और बाढ़ थम चुकी है. व्यापक बर्बादी के कारण प्रभावित परेशान हैं और अनेक जगहों पर सरकारी मदद नहीं मिलने के कारण ग्रामीण विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं. केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बाद सर्वाधिक प्रभावित ग्वालियर चंबल के दूसरे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को क्षेत्र का दौरा किया.
इस बीच बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में तेज बारिश की चेतावनी दी गई है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के जिन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है उनमें वे सात जिले भी शामिल हैं जहां मूसलाधार बारिश के बाद नदियों में उफान आने से बाढ़ का कहर बरपा था. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के मुताबिक गुना, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर,श्योपुर, भिंड और विदिशा जिलों में भारी बारिश की संभावना है।
गत दिनों में इन्हीं जिलों में बारिश के कारण बाढ़ के रूप में आफत आई थी। इन सात जिलों के साथ ही अन्य जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. हालांकि इन जिलों की सभी प्रमुख नदियों सिंध, चंबल, पार्वती, कूनो और क्वारी आदि में अब पानी खतरे के निशान से बहुत नीचे जा चुका है. दतिया जिले में रविवार को एक बार फिर बाढ़ का खतरा दिखाई देने लगा था. शिवपुरी के डैम से पानी छोड़े जाने के बाद सिंध नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था.