भोपाल

प्रमोशन पर एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पदोन्नति के लिए अनिवार्य किया यह विषय

Highcourt- ग्वालियर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, बिना साइंस 12वीं वालों को नहीं मिलेगा एमपीडब्ल्यू का प्रशिक्षण

2 min read
Apr 04, 2026
MP High Court's Gwalior Bench Makes Science Mandatory for Promotion- फाइल फोटो पत्रिका

Highcourt- एमपी हाईकोर्ट की अलग अलग बैंच ने विभिन्न मामलों में अहम कदम उठाए हैं। ग्वालियर हाईकोर्ट ने मल्टी पर्पज वर्कर (एमपीडब्ल्यू) प्रशिक्षण से वंचित करने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। स्पष्ट किया कि पदोन्नति के लिए तय योग्यता में 12वीं विज्ञान के साथ पास होना जरूरी है। याची हसन खान सहित अन्य ने मांग की थी कि उन्हें प्रशिक्षण में शामिल किया जाए। 2015 से सभी लाभ प्रदान किए जाएं। तर्क था कि 1989 के भर्ती नियमों के अनुसार 10+2 पास होना पर्याप्त है। विज्ञान विषय की अनिवार्यता नहीं है। हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने भी अहम कदम उठाया है। ढोल बजवाने पर सख्ती दिखाते हुए कोर्ट ने नगर निगम को नोटिस भेज दिया है।

सरकार का पक्ष- सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने नियमों की गलत व्याख्या की, प्रत्यक्ष भर्ती, पदोन्नति के लिए अलग-अलग प्रावधान

ये भी पढ़ें

एमपी में दो पूर्व मंत्रियों सहित 11 विधायकों को बड़ा दायित्व, बीजेपी ने बनाई 89 सदस्यीय जंबो टीम

सरकार की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं ने नियमों की गलत व्याख्या की है। प्रत्यक्ष भर्ती, पदोन्नति के लिए अलग-अलग प्रावधान हैं। पदोन्नति में अनुसूची- 4 (नियम 14 एवं 2(बी)) के तहत 12वीं विज्ञान के साथ पास होना अनिवार्य है। कोर्ट ने पाया कि याची अनुसूची-3 का हवाला दे रहे हैं, जो प्रत्यक्ष भर्ती से संबंधित है। पदोन्नति नियमों में विज्ञान के साथ 12वीं पास जरूरी है।

हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद संपत्ति कर वसूली के लिए यशवंत क्लब के सामने ढोल बजवाने पर हाईकोर्ट ने यह सख्ती दिखाई

इधर इंदौर हाईकोर्ट ने ढोल बजवाने पर सख्ती दिखाते हुए नगर निगम को नोटिस भेज दिया है। हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद संपत्ति कर वसूली के लिए यशवंत क्लब के सामने ढोल बजवाने पर हाईकोर्ट ने यह सख्ती दिखाई। कोर्ट ने निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और जोन 9 के सहायक राजस्व अधिकारी के खिलाफ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई की जाए। इस मामले में अगली सुनवाई 18 अप्रेल को नियत की गई है।

एसडीएम, तहसीलदार के साथ कॉलेज के प्रोफेसर्स की टीम ने इंफ्रास्ट्रक्चर, लेक्चर रूम, जमीन के कागजात, शिक्षकों और विद्यार्थियों की जांच कर रिपोर्ट तैयार की

उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार ग्रांट प्राप्त और प्राइवेट कॉलेजों का जिला प्रशासन से फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया। कोर्ट के निर्देश पर यह कदम उठाया गया। एसडीएम, तहसीलदार के साथ कॉलेज के प्रोफेसर्स की टीम ने कॉलेजों के इंफ्रास्ट्रक्चर, लेक्चर रूम, जमीन के कागजात, शिक्षकों और विद्यार्थियों की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट तैयार की। ग्वालियर क्षेत्र में फर्जी कॉलेज मिलने के बाद यह कवायद की गई।

ये भी पढ़ें

सीएम व बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष के दिल्ली दौरे से मची खलबली, एमपी में राजनैतिक नियुक्तियां तय

Updated on:
04 Apr 2026 01:09 pm
Published on:
04 Apr 2026 01:06 pm
Also Read
View All

अगली खबर