
IAS Neha Marvya : एमपी की आइएएस नेहा मारव्या सिंह का एक बार फिर ट्रांसफर कर दिया गया है। वे तीन अहम दायित्व संभाल रहीं थीें। आइएएस नेहा मारव्या सिंह के पास आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, आदिम जाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान और रोजगार एवं प्रशिक्षण परिषद का जिम्मा था। अब उन्हें इन तीनों जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। जनजातीय कार्य विभाग के कर्मचारियों, अधिकारियों की नाराजगी के चलते सरकार ने यह फैसला लिया है। आइएएस नेहा मारव्या सिंह का यह साल में तीसरा ट्रांसफर है। इस दौरान उन्हें कलेक्टर पद तक से हटाया जा चुका है।
नेहा मारव्या 2011 बैच की आइएएस अधिकारी हैं। उनका विवादोें से पुराना नाता है। अपने ही कई वरिष्ठ अधिकारियों से उनका टकराव होता रहा है। आइएएस नेहा मारव्या कलेक्टर बनना चाहती थीं। उन्होंने आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप में पोस्ट डालकर कलेक्टर नहीं बनाने पर निराशा जताई थी। सरकार ने आइएएस नेहा मारव्या की मन की मुराद पूरी करते हुए उन्हें डिंडोरी का कलेक्टर बना दिया लेकिन 8 माह में ही उन्हें हटाना पड़ा। पूर्व मंत्री ओपी धुर्वे सहित कई अन्य नेताओं से विवाद के चलते सरकार को यह कदम उठाना पड़ा था।
आइएएस नेहा मारव्या की जनजातीय कार्य विभाग में भी अपने अधीनस्थों से पटरी नहीं बैठी। कर्मचारियों, अधिकारियों ने उनपर अनेक गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों के अनुसार एक बैठक के दौरान आइएएस नेहा मारव्या ने अपर संचालक स्तर की महिला अधिकारियों के साथ अभद्रता की और उन्हें बाहर निकाल दिया।
विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने बताया कि आइएएस नेहा मारव्या खुद दिनभर नारियल पानी पीती रहती हैं जबकि हमारी चाय तक बंद करा दी। उनपर पांच कारें लगाकर विभागीय बजट से खर्च का भी आरोप लगा। नेहा मारव्या ने सौ से ज्यादा अधिकारियों का इंक्रीमेंट नहीं लगाया। इससे वे असंतुष्ट थे।
ऐसे में आइएएस नेहा मारव्या के खिलाफ कर्मचारी लामबंद हो गए थे। इसके चलते उन्हें तीनों अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। अब आइएएस नेहा मारव्या अजजा वित्त एवं विकास निगम का जिम्मा संभालेंगी। एक साल में उनका यह तीसरा तबादला है। इसमें डिंडौरी कलेक्टर से हटाया जाना भी शामिल है।