MP Cabinet Decisions: सिंहस्थ-2028 के लिए फोरलेन रोड, किसानों को गेहूं पर 40 रुपये बोनस और जल गंगा अभियान की शुरुआत।
MP Cabinet Decisions: मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को कई अहम फैसले लिए। जिसमें सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए भी कई सौगातें दी गई। इसके साथ ही फोरलेन सड़क, जल महोत्सव, जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर भी अहम जानकारी दी गई।
मध्यप्रदेश के मंत्रिमंडल की अहम बैठक राजधानी भोपाल में मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Dr. Mohan Yadav) की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी मंत्री चेतन कश्यप ने मीडिया को दी।
चेतन कश्यप ने बताया कि इस बैठक में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इसमें सबसे अहम बदनावर से टिमरनी फोरलेन जो थांदला के पास आदिवासी अंचल में है, इसे फोरलेन सड़क को दिल्ली-मुंबई 8 लेन को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी है। जो 3839 करोड़ की लागत से फोरलेन सड़क बनेगी। सिंहस्थ के दौरान राजस्थान और गुजरात से कनेक्टिविटी का आधार बनेगी। यह सौगात केंद्रीय कैबिनेट ने मध्यप्रदेश को सौगात दी है, जिसे 2027 तक सिंहस्थ के पहले निर्माण पूरा करने की प्रस्तावना दी गई है। इससे उज्जैन महाकाल दर्शन (Ujjain Mahakal) करने आने वाले लोगों को काफी राहत होगी।
चेतन कश्यप ने यह भी बताया कि सीएम मोहन यादव ने जल महोत्सव की जानकारी भी दी। जिसके लिए केंद्र के साथ एमओयू कर रहे हैं। 22 मार्च तक अलग-अलग ग्रामों में मनाया जाएगा। जहां हर घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा रहा है, हरेक पंचायत में चयनित करके सभी कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा। ग्रीष्म ऋतु में जल गंगा संवर्धन अभियान (Jal Ganga Abhiyan) का शुरुआत होगी। गुड़ी पड़वा से इसका शुभारंभ होगा। इस वर्ष भी सभी जनप्रतिनिधि गांवों तक यह आयोजन करेंगे।
0-गेहूं उपार्जन का 40 रुपए का बोनस दिया गया है। सीएम की घोषणा थी, उसे कैबिनेट ने मंजूरी दी गई। 2625 रुपए में गेहूं का उपार्जन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त राशि की व्यवस्था की जाएगी।
0-उज्जैन के चिमनगंज से इंदौर रोड तक व्यापक सुरक्षा का निर्माण और अन्य सुविधाओं के साथ महाकाल दर्शन, क्राउड मैनेजमेंट को लेकर जो महत्वपूर्ण रोड होगी, साढ़े पांच किमी लंबे रोड को मंजूरी दी गई है।
0-रीवा जिले में माइक्रो परियोजना 7 हजार 530 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। इस परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इससे सिंचित योग्य भूमि का 92 प्रतिशत इलाका तैयार हो जाएगा।